चंपावत। राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पर ककराली गेट से घाट तक सड़क की जर्जर स्थिति और मानसून पूर्व तैयारियों में लापरवाही को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग खंड लोहाघाट के अधिशासी अभियंता को आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई एसडीएम चंपावत और लोहाघाट की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर की गई।
निरीक्षण के दौरान सड़क पर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे, सड़क किनारे उगी झाड़ियां, बंद नालियां और क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारें पाई गईं। इससे आम नागरिकों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निर्माणाधीन कल्वर्ट का कार्य लंबे समय से अधूरा मिलने पर जिलाधिकारी ने गंभीर नाराजगी जताई।
डीएम मनीष कुमार ने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही किसी भी समय गंभीर सड़क दुर्घटना का कारण बन सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि मानसून निकट होने के बावजूद समय पर सुधारात्मक कार्य नहीं किए गए तो भूस्खलन और मार्ग अवरुद्ध होने जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इससे चंपावत, पिथौरागढ़ और सीमांत क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति तथा आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की ओर से मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर अब तक कोई प्रभावी कार्ययोजना प्रस्तुत नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील और क्षतिग्रस्त स्थलों का समय रहते उपचार नहीं होने पर वर्षाकाल में जलभराव, भूस्खलन और यातायात बाधित होने जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ सकती हैं।
15 दिन में कार्य पूरा करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-09 के सभी चिन्हित संवेदनशील और क्षतिग्रस्त स्थलों पर आवश्यक उपचारात्मक कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समयसीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्था की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी दुर्घटना, मार्ग अवरोध या जनहानि की स्थिति उत्पन्न होने पर दोषियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कठोर दंडात्मक और विधिक कार्रवाई की जाएगी।