पॉलिथीन के प्रयोग पर प्रशासन ने कार्रवाई का डंका तो पीटा, लेकिन हिदायत के बाद भी पॉलिथीन का प्रयोग नहीं रुक पाया है। प्रशासन ने दस सितंबर के बाद पॉलिथीन के प्रयोग पर कार्रवाई की हिदायत दी थी, लेकिन तय तिथि गुजरने के एक सप्ताह बाद भी प्रशासन ने पॉलिथीन का प्रयोग रोकने के लिए अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने 29 अगस्त को नगर पालिका, पुलिस, राजस्व विभाग के अधिकारियों और शहर के व्यापारियों की बैठक ली थी। जिसमें शहर को पॉलिथीन मुक्त और स्वच्छ बनाने को लेकर तीन बिंदु तय हुए थे। पहला दस सितंबर के बाद प्रशासन छापामार कार्रवाई शुरू करेगा और पॉलिथीन का प्रयोग करते पकड़े जाने पर अर्थ दंड वसूला जाएगा। दूसरा हर दुकानदार अपनी दुकान में कूड़ादान रखेगा और तीसरा दुकानों व घरों से कूड़ा उठाने को नगर पालिका का कूड़ा वाहन सुबह के साथ ही शाम को भी शहर में घुमाया जाएगा। कूड़ा वाहन घूमने के फैसले पर तो पालिका प्रशासन ने बैठक के अगले दिन से ही अमल कर दिया, लेकिन तय तिथि गुजरने के बाद भी न तो पॉलिथीन का प्रयोग रुका है और न ही दुकानों में कूड़ेदान रखे गए हैं। प्रशासन ने पॉलिथीन का प्रयोग करते पहली बार पकड़े जाने पर पांच सौ रुपये और दूसरी बार पकड़े जाने पर एक हजार रुपये अर्थदंड वसूलने की हिदायत दी थी। लेकिन प्रशासन की सुस्ती से पॉलिथीन का प्रयोग नहीं रुक पाया है।
पॉलिथीन का प्रयोग रोकने के लिए तहसीलदार के नेतृत्व में नगर पालिका, राजस्व और पुलिस की टीम बनाई गई है। तहसीलदार के सप्ताह में दो दिन यहां बैठने से चेकिंग की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। पॉलिथीन का प्रयोग करते पकड़े जाने वालों के खिलाफ अब जुर्माना वसूलने की कार्रवाई होगी। जल्द ही टीम को निर्देशित कर चेकिंग अभियान शुरू कराया जाएगा।
नरेश दुर्गापाल, एसडीएम टनकपुर।