सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बिजली गुल होने पर मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में कनेक्शन नहीं देने से यहां रखा लाखों रुपये का जनरेटर शो-पीस बना है।
इस कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं और न ही प्रयोगशाला में लोगों की खून की जांचें हो पा रही हैं। बिजली आने तक रोगियों को इंतजार करना पड़ रहा है।
मंगलवार को विभिन्न स्थानों से करीब 65 महिलाएं अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आई थीं, लेकिन कई बार बिजली गुल होने से उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। अल्ट्रासाउंड करने के दौरान बिजली कट होने पर लोगों को भारी परेशानियां हो रही हैं।
यही हाल पैथोलॉजी लैब का भी है। बिजली गुल होने से रोगियों को जांच रिपोर्ट समय पर नहीं मिल पा रही हैं। इस रिपोर्ट के बगैर आगे का इलाज नहीं हो पाता है। अस्पताल आए कई लोगों का कहना था कि अस्पताल में लाखों रुपये मूल्य से जनरेटर खरीदा गया था, लेकिन वह लंबे समय से हाथी दांत साबित हो रहा है।
जनरेटर का अस्पताल में संयोजन नहीं जोड़े जाने से रोगियों को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। रेडियोलॉजिस्ट डा.एलएम रखोलिया का कहना है कि बिजली आपूर्ति ठप होने से अल्ट्रासाउंड करने में काफी परेशानियां हो रही है।
बिजली जाने के बाद यूपीएस मुश्किल से आधे घंटे ही चल पाता है। इससे बिजली आने तक इंतजार करना पड़ रहा है।
अस्पताल के लिए नया जनरेटर खरीदा गया है। कंपनी कर्मियों द्वारा इंजन की मरम्मत की जा रही है। अस्पताल में जनरेटर का कनेक्शन नहीं किया गया है। एक महीने के भीतर जनरेटर चालू कर दिया जाएगा। अल्ट्रासाउंड में दिक्कतें आने पर इनवर्टर का कनेक्शन अल्ट्रासाउंड कक्ष में दिया जाएगा।
-डा.मंजीत सिंह, चिकित्साधीक्षक, सीएचसी, लोहाघाट।