पाटी विकासखंड के सबसे ज्यादा छात्र संख्या वाले रीठाखाल जीआईसी में शिक्षकों की कमी छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर मार कर रही है। 238 छात्राओं सहित कुल 450 विद्यार्थियों वाले इस स्कूल में प्रधानाचार्य सहित प्रवक्ताओं के कई पद रिक्त हैं। वहीं इंटर में विज्ञान विषय नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को पांच किमी से अधिक पैदल दूरी तय कर जीआईसी देवीधुरा जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
रिक्त पदों को भरने के लिए अभिभावकों ने कई बार मांग की मगर कोई असर नहीं हुआ है। अब अभिभावक संघ ने शिक्षकों की तैनाती को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। 12 किमी क्षेत्र के अकेले जीआईसी रीठाखाला में कफड़ा, इजट्टा डुंगरा, चौड़ागूंठ, मोलना जाख, टकनागुरौ, मथेलाछाना, गागर, मनटांडे आदि गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं।
2016 में प्रवक्ताओं के पांच पद सृजित हुए लेकिन हिंदी, अर्थशास्त्र, इतिहास के पद आज भी नहीं भरे जा सके। अंग्रेजी विषय के शिक्षक का पद भी एक वर्ष से अधिक समय से रिक्त है। वहीं प्रधानाचार्य का पद 2013 से रिक्त है। शिक्षक ही नहीं, बाबू और स्वच्छक का पद भी रिक्त है। स्कूल में एलटी के पांच (हिंदी, व्यायाम, सामाजिक विज्ञान, कला, गणित) और इंटर में सिर्फ दो प्रवक्ता है।
प्रभारी प्रधानाचार्य अमित कुमार टम्टा ने कहा कि शिक्षकों की कमी से शिक्षण कार्य में दिक्कत हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चों का भविष्य अधर में है। अभिभावक शिक्षक संघ अध्यक्ष लीलाधर भट्ट, स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष मोहन बोहरा, बीडीसी सदस्य केशव राम, प्रधान लक्ष्मण राम का कहना है कि खाली पदों को भरने के लिए लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही।