बनबसा (चंपावत)। हर घर जल हर घर नल योजना के तहत स्वीकृत कार्यों में वन विभाग ने अड़ंगा लगाया है जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या सुलझाने के लिए ग्रामीणों का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा।
ग्रामीणों को पेयजल मुहैया कराने के लिए भारत सरकार ने हर घर जल हर घर नल योजना शुरू की है। इसके तहत बनबसा के चंदनी, गुदमी ग्रामसभा के लाटाखल्ला, भैंसाझाला गांव में इस योजना का कार्य थम गया है। कृषि उत्पादक मंडी समिति के पूर्व उपाध्यक्ष जसवंत सिंह बसेड़ा ने बताया कि वन विभाग ने अपनी भूमि बता हर घर जल हर घर नल योजना के तहत बिछाई जाने वाली पेयजल पाइप लाइन पर रोक लगा दी है जिससे ग्रामीण आक्रोशित हैं।
पेयजल योजना का निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। मदन सिंह, राम सिंह, पुष्कर सिंह, हरीश जोशी, चंचल राम, गजेंद्र सामंत, ललिता मिश्रा, देवकी देवी, पुष्पा देवी, भुवनेश्वरी देवी आदि ने हर घर जल हर घर नल योजना पर वन विभाग की रोक को गैर जिम्मेदाराना और मानवाधिकार के विरुद्ध बताया है।
वन भूमि हस्तांतरण के लिए किया सर्वे
बनबसा (चंपावत)। पूर्वी तराई वन प्रभाग खटीमा के रेंजर आरएस मनराल ने बताया कि चंदनी और गुदमी में पेयजल पाइप लाइन बिछाने के लिए जल संस्थान को वन विभाग से भूमि हस्तांतरण की अनुमति लेनी चाहिए। बताया कि चंदनी में ओवरहेड टैंक बनाने के लिए वन भूमि हस्तांतरण का सर्वे किया गया है। वन विभाग से भूमि हस्तांतरण बाद ही वहां निर्माण कार्य हो सकेगा।