चंपावत। जिला अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें ओपीडी के बाहर घंटों धक्का-मुक्की और भीड़ में खड़े रहने की जरूरत नहीं होगी। अस्पताल प्रशासन ने नई टोकन व्यवस्था लागू की है इसके तहत मरीज का टोकन नंबर ओपीडी कक्ष के बाहर लगे डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित होने पर ही उसे अंदर जाना होगा।
पूर्व में जिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर का नजारा किसी भी मरीज की तकलीफ को दोगुना कर देता था। सुबह होते ही सैकड़ों मरीज और उनके तीमारदार ओपीडी कक्षों के बाहर एकत्र हो जाते थे। बुजुर्ग, गर्भवतियां और गंभीर रोगी भी घंटों तक खड़े रहने के लिए मजबूर होते थे। लाइन में पहले नंबर के लिए अक्सर बहसबाजी और धक्का-मुक्की की नौबत आ जाती थी। बुजुर्गों मरीजों को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ता था।
इन सभी परेशानियों को कम करने की दिशा में अस्पताल प्रशासन की ओर से सकारात्मक पहल की गई है। लागू नई व्यवस्था के तहत मरीज को पंजीकरण के समय एक टोकन नंबर दिया जाएगा। ओपीडी कक्ष के बाहर लगे डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर जैसे ही उनका नंबर आएगा इसके बाद ही मरीज ओपीडी कक्ष के अंदर जा सकेंगे।
कोट
यह व्यवस्था मरीजों की सुविधा को ध्यान में रख कर शुरू की गई है। कई मामलों में स्टाफ को भीड़ नियंत्रित करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। साथ ही पुरानी व्यवस्था में मरीजों को कठिनाइयां होती थी जिसे देखते हुए यह बदलाव किया गया है। - एचएस ह्यांकी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल चंपावत