लोहाघाट (चंपावत)। त्यारसों खेतीखान के वयोवृद्ध लक्ष्मण सिंह अपनी बंधक जमीन वापस पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काटते-काटते थक चुके हैं। छह माह पूर्व डीएम को ज्ञापन देने के बावजूद जमीन बंधनमुक्त नहीं हो सकी है।
लक्ष्मण सिंह ने 1972-73 में उद्यान विभाग से फलदार पौधों के लिए दो हजार रुपये का ऋण लिया था। इसकी अदायगी न होने पर उद्यान विभाग से ऋण चुकाने का नोटिस घर पहुंचा था, लेकिन तब वह नकाला गोठ चकरपुर में रहते थे। माली हालत ठीक न होने के कारण वह कर्ज नहीं चुका पाए। इस कारण सरकार ने उनके पांच खातों की 70 नाली भूमि बंधक बना ली। वे लंबे समय से बंधक जमीन को छुड़वाने के लिए ऋण राशि भी चुकाने को तैयार हैं। इसके लिए वह विभाग के चक्कर काट चुके हैं। बुजुर्ग कर्जदार का कहना है कि डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय को ज्ञापन देने के बाद राजस्व विभाग हरकत में जरूर आया। राजस्व विभाग ने उद्यान विभाग से उनकी बंधक भूमि के बदले ऋण वसूलने या ऋण माफ करने का पत्र मांगा, लेकिन फिर भी मामला निस्तारित नहीं हो सका है।
त्यारसों के लक्ष्मण सिंह के मामले को मार्गदर्शन के लिए उद्यान निदेशालय चौबटिया को पत्र भेजा गया है। वहां से मिले निर्देशों के अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। - सतीश शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी।