चंपावत। जिले के जीआईसी सिप्टी में इंटरमीडिएट लैब नहीं होने से प्रयोगात्मक पढ़ाई करना बच्चों के लिए चुनौती बना हुआ है। लैब न होने से कक्षा 11 और 12 के विज्ञान वर्ग के 11 बच्चों को प्रयोगात्मक शिक्षण में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लैब नहीं होने के कारण बच्चे भी विज्ञान लेने से बचते हैं।
राजकीय इंटर कॉलेज में वर्तमान में 128 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। स्कूल में लैब न होने से बच्चों के भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान के प्रयोगात्मक कार्य करना टेढ़ी खीर साबित होता है। हाईस्कूल लैब में ही इंटर के बच्चों की प्रयोगात्मक कक्षाएं चलाई जातीं हैं। ऐसे में कभी कक्षा से बाहर तो कभी किसी कक्षा के अंदर भी प्रयोगात्मक कक्षाएं संचालित की जाती है। इससे बच्चों को प्रयोगात्मक पढ़ाई ठीक ढंग से नहीं हो पा रही है।
प्रभारी प्रधानाचार्य सामश्रवा आर्य ने बताया कि इंटरमीडिएट लैब की शासन-प्रशासन से लगातार मांग की जा रही है। लैब की सुविधा होने से बच्चों का प्रयोगात्मक पठन-पाठन और बेहतर हो सकेगा। उन्होंने बताया कि विद्यालय में इंटरमीडिएट लैब की मांग के लिए शासन-प्रशासन से पत्राचार किया गया है। विभाग को भी समय-समय पर अवगत कराया जाता है।