पाटी (चंपावत)। 85 ग्राम पंचायत वाले पाटी ब्लॉक की 52 हजार की आबादी के इलाज के लिए हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं है। ब्लॉक में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो है, लेकिन यहां पर लोगों हड्डी टूट जाए तो इलाज लोहाघाट या चंपावत में ही मिलता है। पाटी स्वास्थ्य केंद्र में सिर्फ टूटी हड्डी का एक्सरे होता है।
हड्डी जोड़ने के लिए 30 किमी दूर लोहाघाट अस्पताल या फिर 45 किमी दूर चंपावत जिला अस्पताल आना पड़ता है। इसमें लोगों पर आर्थिक भार तो पड़ता ही है साथ ही समय की बर्बादी भी होती है। स्वास्थ्य केंद्र में रौलामेल, झुडेली, मूलाकोट, पटनगांव, चौड़ाकोट, सिमलखेत, पोखरी, खेतीखान, भिंगराड़ा, धूनाघाट आदि ग्राम पंचायत के लोग इलाज के लिए निर्भर हैं। सबसे मुश्किल तब होती है जब दूर दराज गांव में किसी के पैर या हाथ में चोट लग जाती है। लोगों को एक्सरे के तुरंत बाद प्लास्टर की व्यवस्था नहीं मिलती है। दिसंबर 2023 में बामुश्किल यहां पर एक्सरे मशीन और तकनीशियन की नियुक्ति हुई। पिछले एक साल से लोगों के एक्सरे हो रहे। इससे पहले लोगों को लोहाघाट और चंपावत ही आना पड़ता था। संवाद
वर्ष 2010 में हुई स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा
पाटी (चंपावत)। वर्ष 2010 में सुनडूंगरा गांव में महामारी फैलने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने महामारी वाले गांव का भूगौलिक निरीक्षण कर पाटी में सीएचसी खोलने की घोषणा की। तब से यहां पर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ तो मिला, लेकिन आधी आधूरी व्यवस्थाओं के साथ। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि जिले में रिक्त चिकित्सकों के पदों की सूची शासन को भेजी है। शासन स्तर से तैनाती होने पर हड्डी रोग विशेषज्ञ पाटी अस्पताल में तैनात किया जाएगा। संवाद
कोट
पाटी अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई है। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को हड्डी संबंधी बीमारियों के इलाज में दिक्कत होती है। लोहाघाट में इलाज मिला तो ठीक नहीं तो चंपावत की दौड़ लगानी पड़ती है।
- कैलाश भट्ट, स्थानीय, पाटी।
85 ग्राम पंचायत वाले पाटी ब्लॉक में हड्डी रोग विशेषज्ञ न होना जनता के साथ मजाक है। कई बार हड्डी टूटने पर तुरंत प्लास्टर की जरूरत होती है, लेकिन ऐसा होता नहीं है। प्लास्टर देरी से होने से लोगों की हड्डी जोड़ने में समय लगता है।
- दीपक जोशी, स्थानीय, पाटी।