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देश के कोने-कोने से लौट रहे लोग पहाड़ के लिए बन सकते हैं मुसीबत!

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कोरोना के भय से देश-विदेश से लोग अपने घरों को लौट रहे हैं। सोमवार की देर रात हल्द्वानी से दो बसों म? - फोटो : PITHORAGARH
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टनकपुर (चंपावत)। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने को प्रदेश में लॉकडाउन और अघोषित कर्फ्यू के बाद भी देश के विभिन्न हिस्सों से पहाड़ को लौट रहे यात्रियों की भीड़ पहाड़ के लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है। दिल्ली, मुंबई, केरल समेत विभिन्न हिस्सों से आ रहे करीब डेढ़ हजार से अधिक यात्री दो दिन में टनकपुर के रास्ते पहाड़ चढ़ चुके हैं। इन यात्रियों की भीड़ को स्वास्थ्य विभाग भी पहाड़ के लिए भावी मुसीबत मान रहा है।
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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन घोषित कर राज्यों और जिलों की सीमाओं को सील किया गया है, इसके बाद भी विभिन्न राज्यों में नौकरीपेशा लोग कोरोना संक्रमण से बचने को बड़ी संख्या में पहाड़ों को लौट रहे हैं। हालांकि जिले की सीमा जगबुड़ा पुल और टनकपुर के ककरालीगेट बैरियर पर स्थापित स्वास्थ्य जांच केंद्रों में पहाड़ जा रहे यात्रियों की फोरहैड थर्मामीटर से स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके बावजूद कोई संक्रमित मरीज नहीं मिला है। एसीएमओ डॉ. एचएस ह्यांकी के मुताबिक फोरहैड थर्मामीटर की स्क्रीनिंग से संक्रमित संदिग्ध मरीज की पहचान हो सकती है जबकि संक्रमित व्यक्ति में कुछ दिन बाद भी कोरोना के लक्षण दिखाई पड़ सकते हैं। ऐसे में पहाड़ों में भी कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
पहाड़ जाने को आए यात्रियों को टैक्सी वाहनों से भेजा
टनकपुर (चंपावत)। मंगलवार को भी बाहरी राज्यों से चंपावत, लोहाघाट, पिथौरागढ़ जाने के लिए कई यात्री रोडवेज बस स्टेशन में पहुंचे। प्रशासन ने इन यात्रियों के स्वास्थ्य की जांच कराई और नाम, पते दर्ज करने के बाद टैक्सी वाहनों की व्यवस्था पर घर के लिए रवाना किया।
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