चंपावत। क्षेत्र में भारी बारिश से अवरुद्ध हुए करीब 12 मोटर मार्गों में से तीन को यातायात के लिए खोल दिया गया है, जबकि मलबे से बाधित हुए नौ मोटर मार्गों को खोलने की प्रक्रिया जारी है। जिला आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार लोनिवि लोहाघाट के रीठाखाल-मनटांडे, रौसाल-असलाड़, चमदेवल-जाख-गजीना, पीएमजीएसवाई की खटोली मल्ली, धौन-सल्ली, लोनिवि की रीठा-बिनवालगांव, रीठा-अमोड़ी, पीएमजीएसवाई लोहाघाट की धूनाघाट भिंगराड़ा खरही आदि मोटर मार्ग बंद हैं। 24 घंटे में चंपावत में 54 एमएम, बनबसा में पांच एमएम वर्षा रिकार्ड की गई है।
चंपावत। दैवी आपदा के मद्देनजर जिले में कई गांव संवेदनशील क्षेत्र की श्रेणी में शामिल किए गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय के अनुसार चंपावत ब्लॉक में बाढ़, जलभराव की दृष्टि से टनकपुर, थ्वालखेड़ा, नायकगोठ, शारदा चुंगी, हुड्डी, बमनपुरी, पचपकरिया, देवीपुरा को शामिल किया गया है। लोहाघाट ब्लॉक में विविल, पंथ्यूड़ा, खेत, मल्ला खाईकोट, नगरूघाट, बाराकोट ब्लॉक में बैड़ाओड़ के साथ ही पाटी ब्लॉक में मौनकांडा के सिमली तोक, सिमलखेत, जाललीछीना, रीठासाहिब, धूनाघाट आदि को संवेदनशील सूची में रखा गया है।
चंपावत। दैवी आपदा की दृष्टि से संवेदनशील चंपावत जिले में इस वर्ष नए हेलीपैड का निर्माण नहीं हो सका है। आपदा प्रबंधन अधिकारी के अनुसार आपदा आने के दौरान की आपात स्थिति में गोरलचौड़ मैदान में ही अस्थायी हेलीपैड बनाया जाएगा। जिले के अन्य ब्लॉक क्षेत्र में भी हेलीपैड बनाने के प्रस्ताव शासन की मंजूरी के लिए भेजे गए हैं।