लोडियालसेरा गांव के खिरद्वारी जूनियर हाईस्कूल में पढ़ने वाले बच्चे नौ दिनों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इसकी वजह दोनों गांवों को जोड़ने वाले रोपवे (रज्जुमार्ग) में आई तकनीकी खामी है। लधिया नदी के उफान पर आने से नदी को पार करना मुमकिन नहीं है। रोपवे की खामी को दूर करने की तैयारी भी अब तक शुरू नहीं की गई है।
जिला मुख्यालय से करीब 47 किलोमीटर दूर (11 किलोमीटर पैदल मार्ग भी शामिल) लोडियालसेरा गांव और आदिम वन रावत गांव खिरद्वारी को जोड़ने के लिए बरसात में अकेला सहारा लधिया नदी पर बना रज्जुमार्ग है, जबकि सामान्य वक्त में दोनों तरफ के लोग नदी को पार कर इधर-उधर जाते हैं। इन दिनों नदी के उफान पर होने से इसे पार कर पाना संभव नहीं है।
गंगसीर की प्रधान लक्ष्मी देवी का कहना है कि लोडियालसेरा से 10 बच्चे पढ़ाई के लिए खिरद्वारी जाते हैं, जो 600 मीटर लंबे रोपवे के जरिए पार जाते हैं, मगर 25 जुलाई से रोपवे में खामी आने से आवाजाही नहीं हो पा रही है। इस कारण इन बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। साथ ही एक शिक्षक राजीव कुमार खिरद्वारी से लोडियालसेरा स्कूल पढ़ाने जाते हैं। वे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
लोडियालसेरा निवासी और रोपवे ऑपरेटर जीत सिंह का कहना है कि मोटर गियर बॉक्स के बीच में लगने वाली पत्ती टूटने से रोपवे काम नहीं कर पा रहा है। इसकी सूचना रोपवे लगाने वाली कंपनी को दी गई, मगर अब तक कुछ हुआ नहीं। ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल एक माह के लिए खाद्य सामग्री उपलब्ध है। अलबत्ता सब्जियां बस एक हफ्ते के लिए बची है। प्रधान का कहना है कि विभाग द्वारा हाथ खड़े करने पर ग्राम पंचायत अपनी ओर से इसे ठीक कराने की पहल करेगा।