चंपावत। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों के रहने के लिए रैन बसेरा आठ माह पहले बन कर तैयार हो गया था, लेकिन अभी तक जिला अस्पताल के हैंडओवर नहीं हुआ है। इससे मरीजों को लेकर आए तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में पेयजल निर्माण विभाग ने 30 लाख की लागत से दो मंजिला रैन बसेरे का निर्माण किया है। इसमें एक बार में 12 लोग रह सकते हैं। रैन बसेरे में बिजली कनेक्शन का कार्य पूरा नहीं होने के कारण अभी तक अस्पताल को हस्तांतरण नहीं हुआ है। इससे मरीजों के तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले अस्पताल में भर्ती मरीज की तीमारदारों के रहने के लिए किसी भी तरह की व्यवस्था नहीं थी। मरीजों के साथ आए तीमारदारों को जमीन या फिर बगल में खाली पड़े अन्य बेडों पर रात गुजारनी पड़ती थी। अगर अस्पताल में बेड खाली नहीं होता था तो कई तीमारदारों को होटलों में कमरा किराये पर लेकर रहना पड़ रहा। जल्द रैन बसेरे का संचालन होने से मरीजों के तीमारदारों दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कोट
अस्पताल परिसर में दो मंजिला रैन बसेरा बनकर तैयार है। बिजली का कनेक्शन नहीं होने के कारण अभी तक हैंडओवर नहीं हुआ है। इसके लिए यूपीसीएल विभाग के कर्मियों ने निरीक्षण भी किया है। अस्पताल में जल्द ही व्यवस्था शुरू हो जाएगी
-डॉ. देवेश चौहान प्रभारी सीएमओ,चंपावत