चंपावत। पूर्ण कार्य बहिष्कार कर रहे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी संगठन मांगों को माने बगैर कदम वापस नहीं खींचेगा। नौ सूत्री मांगों को लेकर ये कर्मी पहली जून से हड़ताल पर हैं। एनएचएम कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष प्रेमबल्लभ भट्ट, संरक्षक संजय पांडेय और सलाहकार गौरव पांडेय का कहना है कि संगठन नौ जून को होने वाली प्रदेश की कैबिनेट बैठक का इंतजार कर रहा है। इस बैठक में सकारात्मक निर्णय होने पर ही कर्मी काम पर लौटेंगे।
रविवार को भी कर्मियों ने मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में मदन राणा, दिनेश चंद्र, डॉ. मुकेश तड़ागी, हरीश पांडेय, प्रवीण भट्ट, दीपक पनेरू आदि शामिल थे। एनएचएम कर्मियों के राष्ट्रीय स्तर की 42 महत्वपूर्ण योजनाओं के संचालन करने से खासा काम प्रभावित हो रहा है। साथ ही कोविड टीकाकरण, परीक्षण, विभिन्न पोर्टल पर आंकड़ों की प्रविष्टि सहित कई काम पर असर पड़ रहा है।
ये हैं मांगें:
नियमितिकरण, सेवा नियमावली लागू करना, आउटसोर्स के आधार पर नियुक्ति के आदेश को निरस्त करना, स्वास्थ्य विभाग में खाली पदों का 50 प्रतिशत एनएचम कर्मियों से भरना, कोविड काल में मृत कर्मियों के आश्रितों को नौकरी, गोल्डन कार्ड की सुविधा, बोनस, वेतन विसंगति दूर करना और दस प्रतिशत की बढ़ोतरी।
बर्खास्त चालक मामले में उद्योग मंत्री से बात करेंगे विधायक
चंपावत। जिला उद्योग केंद्र से बर्खास्त किए गए उपनल से तैनात चालक सुरेश फर्त्याल ने रविवार को लोहाघाट के विधायक के समक्ष अपनी पीड़ा रखी। चालक को कोरोना संक्रमण के लक्षण (तेज बुखार) को छुपाते हुए ड्यूटी करने के आरोप में जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक मीरा बोहरा ने 19 मई को बर्खास्त कर दिया था। साथ ही उपनल से नए चालक की भी तैनाती कर दी गई। रविवार को चालक ने लोहाघाट के विधायक पूरन फर्त्याल के सम्मुख अपना पक्ष रखा। कहा कि उन पर लगे आरोप एकदम गलत हैं। विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने इस मामले को प्रदेश के उद्योग मंत्री के सामने उठाने और उन्हें पूरा इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं राजकीय संविदा वाहन चालक महासंघ सोमवार को इस मामले को लेकर सीडीओ और डीएम से मिलेगा। (संवाद)