सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण एनएचएआई का सड़क चौड़ीकरण कार्य जोरों पर चल रहा है। शुक्रवार को विभाग ने बसअड्डे के पास स्थित महाभारतकालीन मंदिर की रेलिंग ध्वस्त कर दी। विभाग मंदिर को अन्यत्र शिफ्ट कर भव्य मंदिर बनाएगा।
एनएचएआई ने सड़क विस्तारीकरण में बाधक बन रहे निर्माणों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। शुक्रवार को महाभारत कालीन मां पूर्णागिरि मंदिर की रेलिंग पर जेसीबी चलाई। बता दें कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण (सेना को चीन सीमा तक पहुंचाने वाला) इस मार्ग का निर्माण सितंबर 2017 में पूरा किया जाना है। इन दिनों 243 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित सितारगंज से टनकपुर तक एनएचएआई का सड़क चौड़ीकरण कार्य चल रहा है।
सितारगंज से टनकपुर तक 52 किमी लंबे मार्ग पर एनएचएआई द्वारा सड़क, पुल, पुलियों और नालियों का निर्माण भी किया गया है। नए जगबूड़ा पुल का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक पीएस पांडेय ने बताया कि फिलहाल इस मार्ग को टू-लेन बनाया जा रहा है। बताया कि सड़क मार्ग पर आने वाले सरकारी भवनों को मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है। मंदिर का आकलन कर अन्यत्र निर्माण करा दिया जाएगा। कहा कि शहीद मूर्ति को भी शिफ्ट किया जाएगा।