सड़क हादसे में घायल वाल्मीकि समाज के एक युवक की बरेली में इलाज के दौरान मौत होने से भड़के वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने बुधवार को एनएच पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया।
उन्होंने एक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर प्राथमिक इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मृतक की मां ने सड़क हादसे में लिप्त अज्ञात टुक-टुक वाहन एवं तुषार अस्पताल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
28 अगस्त को वार्ड संख्या एक जंगलात कैंपस निवासी राजकुमार पुत्र स्व. रामकिशन को शिवालय चौराहे पर अज्ञात टुक-टुक वाहन ने टक्कर मार दी थी, जिससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया था और पैर पर खुली चोट भी लगी थी।
परिजन उसे तुषार अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसके पैर पर प्लास्टर बांध दिया। तीन दिन बाद जांच में उसके पैर पर इंफेक्शन हुआ तो उसे यहां से रेफर कर दिया गया। परिजन उसे पहले खटीमा, पीलीभीत और बाद में बरेली में दो अस्पतालों में इलाज के लिए ले गए। बरेली में विपिन अस्पताल में उसका पैर काटा गया।
इसके बाद तबियत और बिगड़ने पर परिजन उसे बरेली के ही मैनसिटी अस्पताल ले गए, जहां मंगलवार शाम उसकी मौत हो गई। बरेली के डॉक्टरों द्वारा राजकुमार की मौत के लिए पैर पर प्लास्टर बांधने वाले डॉक्टर को जिम्मेदार बताने पर बुधवार सुबह परिजन रिपोर्ट दर्ज कराने कोतवाली पहुंचे।
जहां पुलिस द्वारा जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कहने पर परिजनों के साथ ही वाल्मीकि समुदाय के लोग भड़क गए। उन्होंने शव को सड़क पर रखकर पीलीभीत चुंगी पर करीब एक घंटे तक एनएच जाम कर दिया और प्रदर्शन किया। एसडीएम नरेश दुर्गापाल और सीओ आरएस रौतेला द्वारा रिपोर्ट दर्ज कर उचित कार्रवाई का आश्वासन देने पर जाम खोला गया।
कोतवाल वीसी शर्मा ने बताया कि मृतक की मांग राजवती की तहरीर पर अज्ञात टुक-टुक चालक और तुषार अस्पताल के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 338, 304 ए के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इधर, चंपावत से दो सदस्यीय चिकित्सकों का पैनल जांच के लिए बुलाया गया है, जो देर शाम तक नहीं पहुंचा था।
विधायक और चिकित्सक का पुतला फूंका
युवक के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए वाल्मीकि समाज के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने राजाराम चौराहे पर क्षेत्रीय विधायक और चड्डा चौराहे पर चिकित्सक का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। आगाह किया कि जांच निष्पक्ष नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन में राकेश वाल्मीकि, अनिल, ओमप्रकाश, गिरीश, रतन समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।