चंपावत। स्वांला के पास लुढ़के भारी भरकम पत्थर से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग घंटों बंद हो गया। इससे दर्जनों वाहन फंसे और सैकड़ों यात्रियों को दुश्वारी झेलनी पड़ी। फंसे यात्रियों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से पानी तक की कोई व्यवस्था नहीं थी। साढ़े पांच घंटे बाद सड़क तो खुली लेकिन दोनों तरफ लंबे जाम से भी काफी देर तक यातायात सुचारू नहीं हो सका।
एनएच पर शुक्रवार को चार जगह साढ़े पांच घंटे सड़क बंद रही। इसके अलावा एक घंटे से अधिक समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा। स्वांला, चल्थी, अमोड़ी और आठवें मील पर सुबह छह बजे बंद सड़क साढ़े नौ बजे बाद खुला। इसके बाद फिर स्वांला पर भारी भरकम बोल्डर से पौने दो घंटे से अधिक समय तक आवाजाही ठप रही। इस दौरान पहाड़ और मैदान दोनों तरफ दर्जनों वाहन फंसे रहने से यात्री परेशान रहे।
पिथौरागढ़ जाने वाले कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से फंसे मुसाफिरों की सुध लेने वाला कोई नहीं था। पानी तक मुहैया नहीं कराया गया। बाद में साढ़े 12 बजे एनएच खोला जा सका। उधर, प्रभारी डीएम हेमंत कुमार वर्मा ने बताया कि यात्रियों के देर तक फंसने पर व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत होने पर रैनबसेरा में रात्रि विश्राम की व्यवस्था भी की गई है।
इस तरह बंद रहा एनएच
स्वांला: सुबह 6 बजे से 9:32 बजे तक
चल्थी: सुबह 6 बजे से 8:38 बजे तक
अमोड़ी: सुबह 6 बजे से 8:21 बजे तक
आठवें मील: सुबह 7 बजे से 8:40 बजे तक
स्वांला: सुबह 10:45 बजे से 12:25 बजे तक
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एनएच पर फंसीं रहीं बस, लोहाघाट रोडवेज स्टेशन पर पसरा सन्नाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
लोहाघाट/चंपावत। राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने से मैदान से पहाड़ आने वाली रोडवेज की 14 बस घंटों फंसी रहीं। चार बजे तक सिर्फ दो बस ही लौट सकी थीं। वहीं लोहाघाट से भी 16 बस के बजाय सिर्फ चार बस दिल्ली, हल्द्वानी, काशीपुर और बरेली ही भेजी जा सकीं। एजीएम केएस राणा ने बताया कि सड़क की अनिश्चितता की वजह से अधिकांश समय स्टेशन पर सन्नाटा रहा। बस संचालन में अवरोध आने से रोडवेज के राजस्व को झटका लगा है। इसी तरह चंपावत बस स्टेशन में भी अधिकतर समय सन्नाटा रहा। जो यात्री यहां पहुंचे, वे बस के लिए भटकते रहे।
फोटो 04 सीपीटी 22पी और एलएचजी 06पी
चंपावत जिले की बंद पांच ग्रामीण सड़कें:
सिप्टी-अमकड़िया, धौन-बड़ौली, अमोड़ी-छतकोट, खटोली मल्ली-वैला और चल्थी-नौलापानी।
चंपावत जिले में बारिश का आकड़ा:
चंपावत: 13.50 मिमी
लोहाघाट: 7 मिमी
पाटी: 8 मिमी
बनबसा: 36 मिमी