लोहाघाट (चंपावत)। सरकार की ओर से रोडवेज के लोहाघाट डिपो को 12 नई बसें उपलब्ध कराने के बाद दिल्ली जाने वाले यात्रियों को काफी सहुलियतें मिल रही हैं, लेकिन अन्य रूटों पर यात्री खटारा बसों में सफर करने को मजबूर हैं, जो आधे रास्ते में ही खड़ी हो जाती हैं। इससे यात्रियों को दिक्कतां का सामना करना पड़ रहा है।
चंपावत जिले में पर्वतीय क्षेत्र के एकमात्र लोहाघाट का रोडवेज डिपो का हाल बेहाल है। बसों की भारी कमी के चलते डिपो द्वारा पुरानी और पर्वतीय क्षेत्र का मानक पूरा कर चुकी खटारा बसों को बरेली, देहरादून, पोंटासाहिब, हल्द्वानी, नैनीताल, काशीपुर आदि रूटों पर दौड़ाया जा रहा है। लोगों ने अन्य रूटों पर भी नई बसों का संचालन कराने की मांग की है।
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नई बसों का संचालन सिर्फ दिल्ली के लिए किया जा रहा है। इन बसों को दून, बरेली के लिए भी संचालित करना चाहिए। इनसे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। - आशीष कुमार, स्थानीय निवासी
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मानक पूरी कर चुकी बसों को मैदानी क्षेत्रों में संचालित करना चाहिए और मैदानी क्षेत्रों से अच्छी बसों को पहाड़ों में भेजकर इनका संचालन करना चाहिए। - गणेश पाठक, स्थानीय निवासी
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शासन की ओर से 12 नई बसें मिली हैं। इन बसों को दिल्ली रूट पर संचालित किया जा रहा है। वर्तमान में डिपो में 43 बसों का बेड़ा हैं, इसमें 23 बसें अपना पर्वतीय क्षेत्र का मानक पूरा कर चुकी हैं। बसों की कमी के चलते उन्हें ही विभिन्न रूटों पर संचालित किया जा रहा है। नई बसें मिलने के बाद अन्य रूटों में उनका संचालन किया जाएगा। - धीरज वर्मा, सहायक महाप्रबंधक रोडवेज लोहाघाट