विदेश में काम दिलाने के नाम पर नेपाली युवतियां बेची जा रही है। गत दिवस हुए ह्यूमन ट्रैफिकिंग के खुलासे के बाद कई अन्य बातें भी सामने आई हैं, जिससे पता चलता है कि नेपाली युवतियों को बेचने का नेटवर्क दिल्ली से नेपाल तक संचालित हो रहा है। ये सब नेपाली युवतियों को विदेश में नौकरी दिलाने और हसीन सपने दिखाकर गुमराह करते हैं और बनबसा के रास्ते दिल्ली पहुंचकर अरब देशों में बेच देते हैं।
गरीबी और नेपाल में भूकंप के बाद ह्यूमन ट्रैफिकिंग की वारदातों में खासा वृद्धि हुई है। हालांकि, बनबसा में एसएसबी, पुलिस, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, रीड्स संस्था, नेपाल में टिनी हैंड्स, माइते नेपाल जैसी संस्था ह्यूमन ट्रैफिकिंग की वारदातों पर नजर रख रही हैं। समय-समय पर विभिन्न एजेंसियों की पकड़ में आई कई युवतियों को नेपाल पुलिस के सुपुर्द भी किया गया, लेकिन अब तक ह्यूमन ट्रैफिकिंग और सेक्स रैकेट चलाने वाले सरगना नहीं दबोचे जा सके।
पता चला है कि बीते दिवस बार्डर पर दबोची गई नेपाली युवतियों को ले जा रही धना बास्तोला मूल रूप से नेपाल के वार्ड संख्या 8, गाविस कल्यानपुर कीर्तनपुर जिला चितवन नारायणी अंचल की रहने वाली है, जो दिल्ली में रमेश नगर में रह रही है। वो विदेश में काम दिलाने के बहाने सेक्स रैकेट चलाने वाले गिरोह की प्रमुख सदस्यों में एक है। यह भी पता चला है कि नेपाल में वीरबहादुर, गोपाल, विरखा बहादुर आदि नेपाली नागरिक युवतियों को काम दिलाने के बहाने विदेश भेजने को तैयार करते हैं। उनकी सूचना पर दिल्ली स्थित सरगना धना बस्तोला को नेपाल भेजकर युवतियों को दिल्ली लाने की जिम्मेदारी सौंपता है।
नेपाल स्थित मुख्य सरगना वीर बहादुर को युवतियां मैन पावर के नाम से पुकारती हैं। अरब देशों में नेपाली युवतियों को घरेलू नौकर बनकर रहने के एवज में 800 दीनार करीब 22 हजार नेपाली रुपये प्रतिमाह वेतन देने की बात कही जाती है। बता दें कि अरब देशों को भेेजे जाने वाली युवतियों के नेपाल से दिल्ली और विदेश जाने तक के सभी खर्चे दिल्ली स्थित सरगना उठाता है। अब तक अरब देशों में युवतियों को भेजे जाने की पुष्टि हुई है।
मामला नेपाल एवं नेपाली युवतियों से जुड़ा होने के कारण बीते दिवस बनबसा बार्डर पर दबोची गई नेपाली सरगना युवती और तीन नेपाली युवतियों को नेपाल पुलिस के सुपुर्द किया गया है। नेपाली सरगना पर अब नेपाल पुलिस ही अपने कानून के अनुसार कानूनी कार्रवाई करेगी। -मंजू पांडे, प्रभारी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, बनबसा।
हवस का शिकार बनती हैं युवतियां
नेपाल की टिनी हैंड्स संस्था के कंचनपुर सचिव संतोष सुनाम ने बताया कि अरब देश पहुंची एक नेपाली युवती ने खुलासा किया है कि उन्हें अरब देशों में मानसिक, शारीरिक उत्पीड़न के साथ ही दुराचार का शिकार भी होना पड़ता है। उसने बताया कि उसे गृहस्वामी के अलावा उसके पुत्र, भतीजे और साले ने नियमित हवस का शिकार बनाया। उसने नेपाली संस्था से रेस्क्यू कर वापस बुलाने की फरियाद की थी।