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Champawat News: उग्र आंदोलन के बाद नेपाली नागरिकों के भारत प्रवेश पर रोक

Wed, 10 Sep 2025 09:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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टनकपुर से सटी नेपाल की ब्रह्मदेव मंडी के समीप सुरक्षा को लेकर जायजा लेती एसएसबी और पुलिस की संय
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बनबसा/टनकपुर (चंपावत)। नेपाल में चल रहे बवाल के बाद बनबसा और टनकपुर सीमा पर नेपाली नागरिकों के भारत प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। केवल अत्यंत आवश्यक कार्य और गंभीर बीमारों को कड़ी पूछताछ और कागजात देखकर ही आने दिया जा रहा है। भारत से भी भारतीय नागरिकों को सुरक्षा कारणों के चलते नेपाल जाने से मना किया जा रहा है। सीमा से दो दिनों में कोई भी भारतीय नेपाल नहीं गया है।
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एसपी अजय गणपति ने पुलिस को भारत-नेपाल सीमा पर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पुलिस और खुफिया तंत्र सीमा पर पैनी नजर रख रहे हैं। इधर एसएसबी 57वीं वाहिनी के उपमहानिरीक्षक अनिल शर्मा और कमांडेंट मनोहर लाल बीती मंगलवार देर रात करीब तीन बजे तक सीमा की निगरानी की। टनकपुर से सटी नेपाल के ब्रह्मदेव मंडी बाजार में बुधवार को कुछ आवश्यक सामग्री की दुकानों को छोड़ अन्य दुकानें लोगों ने स्वयं बंद रखीं। सुबह ही से ही भारतीयों को एहतियातन नेपाल जाने से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां रोक कर लौटाती रहीं। नेपाली नागरिकों को भी नहीं आने दिया गया। नेपाल सीमा पर शीशमझाला और परशुराम घाट पर काली नदी को नाव से पार कर परीगांव और खल्ला जाना भी थमा रहा।

विकास की दौड़ में सौ वर्ष पीछे हो गया नेपाल : थापा
बनबसा (चंपावत)। कंचनपुर के पूर्व चैंबर ऑफ काॅमर्स के अध्यक्ष हेम विक्रम थापा ने कहा कि इन दिनों हो रही घटनाओं से नेपाल विकास की दौड़ में सौ वर्ष पीछे हो गया है। उन्होंने कहा कि पशुपति नाथ मंदिर में तोड़फोड़ का प्रयास निंदनीय है। यह कार्य किसी नेपाली या भारतीय हिंदू का नहीं हो सकता। इसमें अराजक तत्वों के अलावा बाहरी लोगों के हाथ होने की आशंका है।
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हेम विक्रम थापा ने कहा कि पशु पतिनाथ मंदिर में तोड़फोड़ का प्रयास आंदोलन को बदनाम करने की साजिश भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि काठमांडो में मारे गए सभी लोग नेपाली नागरिक थे, जिनके लिए सभी नेपाल वासियों की आंखें नम हैं। नेपाल सेना ने स्थिति पर काबू पा लिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नेपाल को दोबारा उबरने में मित्र राष्ट्र भारत मदद करेगा।
थापा ने कहा कि नेपाल का आंदोलन पूरी तरह से भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ था। इसमें सोशल मीडिया बंद करने से आग में घी का काम हुआ है। उन्होंने कहा कि नेपाल के हालातों का असर सीमावर्ती भारतीय बाजारों पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आदि काल से भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी के अलावा कारोबारी संबंध हैं। संवाद
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नेपाल के हालातों से बनबसा का 80 फीसदी कारोबार पटरी से उतरा

बनबसा। नेपाल में उपजे हालातों से दो दिन से आम नेपाली खरीदार के नहीं आने से बनबसा का कारोबार चरमरा गया है। व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी ने बताया कि बनबसा का करीब 80 फीसदी कारोबार नेपाल पर निर्भर है। इन हालातों के बाद यहां के व्यापारी परेशान हैं।
पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि नेपाल में हुई हिंसक घटनाओं और उग्र आंदोलन के बाद इस बार दशहरा और दीपावली पर्व कारोबार के हिसाब से फीका जाने की आशंका है। कारोबारी जय प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि पहले ही नेपाल में कस्टम शुल्क बढ़ा दिए जाने से बनबसा का कारोबार प्रभावित हो गया था, अब वहां आंदोलन के कारण यहां का व्यापार लगभग चौपट हो गया है।
ई-रिक्शा यूनियन अध्यक्ष नरेश ने बताया कि सवारियों के अभाव में मजदूर वर्ग दो दिन से दिहाड़ी नहीं मिलने से परेशान है। सब्जी विक्रेता, होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट व्यवसायी भी नेपाल के खरीदार नहीं आने से बेरोजगार से हो गए हैं। संवाद

वाया बनबसा होकर जाने की सलाह
टनकपुर (चंपावत)। ब्रह्मदेव मंडी होकर नेपाल जाने के लिए इक्का-दुक्का नेपाली नागरिक शारदा बैराज तक पहुंचे। उनको सुरक्षा एजेंसियों ने वाया बनबसा होकर जाने की सलाह दी। पिथौरागढ़ से ब्रह्मदेव मंडी होकर नेपाल जाने के लिए आए नेपाल के वर्दिया निवासी सुंदर थापा, बजांग के हेमंत बोरा और परशुराम ने बताया कि वे लोग भारत में मेहनत-मजदूरी करते हैं। घर जाने के लिए आए हैं। उनको बनबसा बैराज होकर जाने के लिए कहा जा रहा है। पूर्व अध्यक्ष सिद्धबाबा मंदिर समिति ब्रह्मदेव नारायण सिंह मेहता ने बताया कि क्षेत्र में फिलहाल शांति है लेकिन मंदिर में दूसरे दिन भी भारत से कोई श्रद्धालु नहीं आ सका। संवाद
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