बनबसा (चंपावत)। तीन दिन पूर्व 16 जून को नेपाली सूखा बंदरगाह (ड्रयपोर्ड) को भारत से जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य में लगी कार्रदायी संस्था के पांच लोगों को नेपाल पुलिस ने पकड़ लिया था। नेपाल पुलिस का कहना था कि वे बिना अनुमति के नेपाल सीमा पर प्रवेश कर गए थे। नेपाल प्रशासन ने एनएचएआई और भारतीय प्रशासन से पूछताछ कर उन्हें छोड़ दिया है। नेपाल पुलिस को उनके पास सर्वे उपकरण देख गलतफहमी हुई।
भारत-नेपाल सीमा पर नेपाली सूखा बंदरगाह को भारत से जोड़ने के लिए भारत सरकार बनबसा एनएच से नेपाल सीमा स्थित ड्रायपोर्ट तक सड़क का निर्माण करा रही है। इसके लिए बनबसा से नेपाल के चांदनी दोधारा तक भारतीय सीमा तक एनएचएआई को 177 करोड़ की लागत से 3.82 किमी फोरलेन का निर्माण कराना है। एनएचएआई की कार्रदायी संस्था रिद्धी सिद्धी कारपोरेशन कंपनी है। बताया गया कि तीन दिन पूर्व कार्रदायी संस्था के पांच कर्मी सर्वे के उद्देश्य से सीमा पर पहुंचे लेकिन सीमा का ज्ञान हो पाने से वे नेपाल की ओर प्रवेश कर गए।
सर्वे उपकरण देख नेपाल पुलिस ने उन्हें शक के आधार पर पकड लिया था। भारतीय प्रशासन से पूछताछ करने के बाद नेपाल के प्रशासन ने उन्हें छोड़ दिया है। एनएचएआई की प्रबंधक मीनू ने बताया कि इस संबंध में नेपाल प्रशासन ने उनसे मालूमात की थी। उन्होंने बताया कि वे एनएचएआई की कार्रदायी संस्था के कर्मी हैं जो अनजाने में नेपाल की ओर चले गए थे। नेपाल प्रशासन ने पकड़े गए पांचों कर्मियों को उसी दिन छोड़ दिया था। संवाद