बनबसा (चंपावत)। भारत-नेपाल के बीच मैत्री के साथ ही गहरे व्यापारिक और तीर्थाटन संबंध रहे हैं। बनबसा और नेपाल के कंचनपुर जिला मुख्यालय महेंद्र के बीच वर्षों से व्यापार संचालित होता रहा है लेकिन नेपाल सरकार की ओर से अब टैक्स वसूलने के कारण कभी रोजाना लाखों रुपये का होने वाला व्यापार सिमटकर महज 20 प्रतिशत रह गया है।
हाल के वर्षों तक बनबसा से नेपाल के लिए दैनिक उपभोग की वस्तुओं का बड़ी मात्रा में निर्यात होता था। प्रतिदिन सैकड़ों नेपाली नागरिक बनबसा बाजार पहुंचकर आम जरूरत की वस्तुओं की खरीदारी करते थे। इससे बनबसा बाजार के व्यापारियों को अच्छा कारोबार मिलता था लेकिन दो वर्ष पूर्व दीपावली के बाद नेपाल सरकार ने टैक्स वसूली करने के लिए भंसार कस्टम बढ़ा दिया। यही नहीं अपने घरों के लिए आम जरूरत की वस्तुओं को बनबसा से लेकर नेपाल जाने वालों का सामान भी जब्त किया जाने लगा। इससे डर कर नेपाली खरीदारों ने बनबसा बाजार का रुख कम कर दिया।
इसकी चपट बनबसा के कारोबारियों को भी लगी। भंसार कस्टम बढ़ाने से पहले रोजाना बनबसा बाजार से करीब पांच लाख रुपये तक का खुदरा सामान नेपाल जाता था जो अब प्रतिदिन 50 हजार से एक लाख रुपये के बीच रह गया है। संवाद
दो वर्ष पूर्व कैरियर के माध्यम से नेपाल जाता था सामान
दो वर्ष पूर्व तक बनबसा से कैरियर माध्यम से नेपाल के छोटे व्यापारियों का सामान नेपाल जाता था। नेपाल के निर्धन वर्ग के करीब 500 लोग साइकिलों पर बनबसा बाजार से सामान नेपाल पहुंचाते थे। नेपाल के गड्डा चौकी में एक छोटे कस्टम कार्यालय के माध्यम से अल्प मात्रा में कस्टम वसूला जाता था लेकिन नेपाल सरकार ने इसे बंद कर दिया और इस कारण कई कैरियर बेरोजगार हो गए।
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पूर्व की अपेक्षा बनबसा से नेपाल के लिए होने वाले कारोबार में करीब 80 प्रतिशत की गिरावट आई है। दैनिक उपभोग की वस्तुओं के लिए नेपाली ग्राहकों के बनबसा नहीं आने से यहां के बाजार सूने हो गए हैं। बनबसा बाजार ज्यादातर नेपाल से आने वाले खरीदारों पर ही निर्भर रहता था। दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को पूर्व की तरह बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। - भरत भंडारी, व्यापार मंडल अध्यक्ष, बनबसा
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नेपाल सरकार ने इस बार के बजट में भारत-नेपाल के बीच होने वाले व्यापार में काफी छूट दी है। अब नेपाल के छोटे कारोबारी, आमजन अपने घर के लिए ले जाने वाले सामान पर अपने पैन कार्ड पर नेपाल में वैट और कस्टम चुकाने पर बनबसा से सामान नेपाल ने जा सकेंगे। कैरियर भी बनबसा से नेपाल पहुंचाने वाले सामान पर अपने पैनकार्ड के माध्यम से टैक्स चुकता कर नेपाल को सामान ला सकेंगे। - माधव प्रसाद जोशी, अध्यक्ष, नेपाल भारत मैत्री संघ