भारत से इन दिनों भारतीय कपड़े की नेपाल को तस्करी धड़ल्ले से हो रही है। इस साल पहले पांच महीनों में एसएसबी ने 21 लाख रुपये से अधिक का कपड़ा पकड़ कस्टम के सुपुर्द किया है। घने जंगल के बीच के रास्तों से कई तस्कर एसएसबी को देख फरार हो गए। अलबत्ता उनका सामान एसएसबी के हत्थे चढ़ गया। तस्कर पर्दे के पीछे इस गोरखधंधे को अंजाम देने में कैरियरों का सहारा ले रहे हैं।
भारत-नेपाल के बीच खुली सीमा तस्करों के लिए वरदान है। 2002 से नेपाल सीमा पर एसएसबी को तैनात किया गया है। एसएसबी की जिम्मेदारी संभालते ही तस्करी के रूट और तरीकों में भी फेरबदल हुआ। एसएसबी के उप सेनानायक बिजेंद्र कुमार कहते हैं कि घने जंगलों में लगातार गश्त चलती है, लेकिन कई बार तस्कर अंधेरे का लाभ उठा नेपाल की ओर फरार हो जाते हैं। कस्टम अधीक्षक एके श्रीवास्तव का कहना है कि भारत-नेपाल के बीच आवागमन और व्यापार को बनबसा ही एकमात्र वैधानिक मार्ग है। अन्य स्थानों से लाई सामग्री जब्त करने का प्रावधान है।