टनकपुर बैराज से नेपाल के लिए चैनल (नहर) निर्माण में लगी मशीन।
नेपाल के साथ हुई संधि के तहत भारत सरकार ने टनकपुर बैराज से नेपाल को सिंचाई के लिए पानी देने के लिए 1200 मीटर लंबी चैनल (नहर) का निर्माण शुरू कर दिया है। नोडल एजेंसी एनएचपीसी ने दिल्ली की एक कंपनी को ढाई साल में नहर बनाने का ठेका दिया है। निर्माणाधीन नहर से नेपाल को सिंचाई के लिए एक हजार क्यूसेक पानी की आपूर्ति की जाएगी।
भारत-नेपाल के बीच वर्ष 1991 में हुई संधि के तहत भारत सरकार ने टनकपुर बैराज से नेपाल के मटेना गांव तक करीब 1200 मीटर लंबी नहर का निर्माण कर सिंचाई के लिए एक हजार क्यूसेक जलापूर्ति की जानी है। करीब 19 साल पुरानी संधि की इस शर्त को पूरा करने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद पिछले तीन सालों में कवायद तेज हुई। चैनल निर्माण के लिए भूमि के सर्वे के बाद वन विभाग ने दायरे में आ रहे पेड़ों का छपान किया।
दायरे में आए 1643 पेड़ों को कटाने के बाद नोडल एजेंसी एनएचपीसी ने दिल्ली की फर्म एएनएस कंपनी के माध्यम से चैनल निर्माण का काम शुरू करा दिया है। ठेकेदार कंपनी ने मशीनों से नहर की खुदाई शुरू कर दी है।
एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन के जीएम पीके गुप्ता के मुताबिक नेपाल छोर मे टनकपुर बैराज से डेढ़ सौ मीटर उत्तर की ओर सौ मीटर चौड़ी और चार मीटर ऊंची चैनल का निर्माण किया जा रहा है। जुलाई 2021 तक निर्माण पूरा किया जाना है।