टनकपुर (चंपावत)। नेपाल के लोगों द्वारा दो मजदूरों की पिटाई की घटना से सीमा पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। घायल मजदूर के गांव थ्वालखेड़ा के लोगों और खनन कारोबारियों ने मंगलवार तड़के बैराज पर करीब एक घंटे जाम लगाया। हालात को देखते हुए पुलिस, एसएसबी और सीआईएसएफ चौकस है। इधर, एसडीएम नरेश दुर्गापाल के निर्देश पर पुलिस ने नेपाल के 12 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
शहर के घसियारा मंडी मोहल्ला निवासी हीरा लाल और थ्वालखेड़ा गांव निवासी भीम सिंह अपने एक अन्य साथी घसियारा मंडी निवासी राजीव के साथ शारदा टापू में लकड़ी बीनने गए थे। आरोप है कि तभी नेपाल के खल्ला गांव के लोगों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। राजीव तो किसी तरह भाग आया, लेकिन हीरा लाल, भीम सिंह को उन्होंने गंभीर रूप से घायल कर दिया। दोनों घायलों का सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में इलाज चल रहा है।
उधर, घटना से गुस्साए लोग मंगलवार सुबह टनकपुर बैराज पर पहुंचे और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर रास्ता जाम कर एक घंटे तक प्रदर्शन किया। कोतवाल वीसी शर्मा के समझाने पर प्रदर्शनकारी तहसील पहुंचे और एसडीएम नरेश दुर्गापाल को घटना के बारे में बताते हुए कार्रवाई की मांग की। कोतवाल ने बताया कि घटना स्थल से जान बचाकर भागे राजीव की तहरीर पर नेपाल के 12 से ज्यादा लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 143 एवं 323 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
राजीव के मुताबिक हमलावरों में दो लोग एक-दूसरे का नाम प्रेमी और मदन पुकार रहे थे। नेपाली नागरिकों की पिटाई से घायल हीरा लाल की हालत में सुधार है, लेकिन भीम सिंह की हालत अब भी नाजुक बताई गई है। परिजनों के मुताबिक उसकी एक आंख फूट गई है, जिसे ऑपरेशन कर निकाल दिया गया है।