टनकपुर के बूम फारेस्ट गेस्ट हाउस में बैठक लेते डीएम मनीष कुमार। सूचना
टनकपुर (चंपावत)। डीएम मनीष कुमार ने बुधवार को किरौड़ा नाले के चैनेलाइजेशन कार्य, बाटनागाड़ के संवेदनशील स्थल, पूर्णागिरि मार्ग और बूम क्षेत्र का निरीक्षण किया। बाद में बूम फॉरेस्ट गेस्ट हाउस में संबंधित अधिकारियों, विभागीय प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सिंचाई और वन विभाग को संबंधित क्षेत्रों का संयुक्त सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने भू-वैज्ञानिक से क्षेत्रीय अध्ययन एवं प्लानिंग की विस्तृत जानकारी लेते हुए नालों के प्रभावी चैनेलाइजेशन की आवश्यकता पर जोर दिया।
डीएम ने कहा कि किसी भी विभाग की लापरवाही से जलभराव और बाढ़ की स्थिति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में साइनबोर्ड, आपातकालीन सूचना व चेतावनी संकेतक लगाने और एनएच के दोनों ओर ड्रेनेज की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा। डीएम ने जिला पंचायत को चंपावत से टनकपुर तक सार्वजनिक स्थलों पर शौचालय एवं डस्टबिन की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे विभाग को अंडरपास से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का कहा।
ईओ टनकपुर व बनबसा को निर्देशित किया गया कि नालियों की सफाई कर चोकिंग न होने दें। डीएम ने कहा कि लावारिस पशुओं को गोशालाओं में पहुंचाया जाए। बैठक में एसपी अजय गणपति, एडीएम जयवर्धन शर्मा, एसडीएम आकाश जोशी, अलकेश नौडियाल, सीओ वंदना वर्मा, एसडीओ फॉरेस्ट शालिनी जोशी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार आदि विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बुधवार को डीएम ने बरसात के बीच नगर पहुंचकर किरौड़ा पुल से किरोड़ा नाले तक हो रहे चैनलाइजेशन कार्यों की समीक्षा की और स्थल पर पहुंचकर नाले की स्थिति का जायजा लिया। बूम घाट क्षेत्र का भी स्थलीय निरीक्षण कर वहां हो रहे कार्यों की समीक्षा की। बाटनागाड़ और शारदा नदी के किनारे हो रहे भू-कटाव, जलभराव और सुरक्षात्मक कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने मां पूर्णागिरि मार्ग और बाटनागाड़ के संवेदनशील स्थलों का भी स्थलीय निरीक्षण किया।