मां पूर्णागिरि धाम में शारदीय नवरात्र मेले को दो दिन शेष रह गए हैं, लेकिन जल संस्थान और बिजली विभाग की लापरवाही के चलते धाम क्षेत्र में बिजली एवं पेयजल व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। चार में से एक पेयजल योजना सुचारु हो पाई है, इससे सिर्फ भैरव मंदिर क्षेत्र में ही जलापूर्ति हो रही है। मुख्य मंदिर एवं काली मंदिर क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था फिलहाल भगवान भरोसे है।
मां पूर्णागिरि धाम में दस अक्तूबर से शारदीय नवरात्र मेला शुरू हो जाएगा। प्रशासन स्तर पर शारदीय नवरात्र मेले की तैयारियां जोरों से चल रही है। लोनिवि ने जहां क्षतिग्रस्त मोटर मार्ग एवं पैदल मार्ग दुरुस्त कर दिए हैं, वहीं बिजली, पानी की व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं आ पाई है। हालांकि, जलसंस्थान ने क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत कर भैरव मंदिर एवं टुन्यास क्षेत्र में जलापूर्ति सुचारु कर दी है, लेकिन काली मंदिर एवं मुख्य मंदिर क्षेत्र में अब जलापूर्ति ठप है। इधर, बिजली विभाग ने भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक तारों पर आ रही पेड़ों की टहनियों की लॉपिंग नहीं की है, इस कारण अक्सर फ्यूज उड़ने से बिजली की समस्या पैदा हो रही है।
भैरव मंदिर एवं टुन्यास पेयजल योजना लाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति सुचारु कर दी गई है। काली मंदिर एवं मुख्य मंदिर क्षेत्र में लाइनों की मरम्मत का कार्य चल रहा है। नवरात्र शुरू होने से पहले वहां की लाइनों में भी जलापूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। -बीएस कुवार्बी, जेई जलसंस्थान, टनकपुर।