Naman's research paper published in internation journal
जिले के युवा साहित्यकार नमन जोशी का शोध पत्र इंटरनेशनल जर्नल ऑफ हिंदी रिसर्च में प्रकाशित हुआ है। शोध पत्र का प्रकाशन हिंदी के गुप्त भूषण कुमाऊंनी लोकसाहित्य एवं साहित्य शीर्षक से किया गया है। शोध लेख में कुमाऊंनी बोली को हिंदी भाषा से जोड़ने का प्रयास किया गया है और कुमाऊंनी साहित्य के आरंभिक काल तथा हिंदी साहित्य के रीतिकाल का संक्षिप्त तुलनात्मक अध्ययन भी किया गया है।
नमन जोशी बताते हैं कि शोध पत्र में कुमाऊंनी साहित्य परंपरा को स्पष्ट करने का प्रयत्न किया गया है ताकि कुमाऊंनी के पहले कवि गुमानी पंत एवं कृष्णा पांडेय आदि रचनाकारों की काव्य दृष्टि को हिंदी आलोचकों के बीच लाया जा सके।
नमन का कहना है कि शोध पत्र निष्कर्ष स्वरूप अपने शीर्षक के अनुरूप कुमाऊंनी लोकसाहित्य एवं साहित्य को हिंदी के गुप्त आभूषण सिद्ध करता है जो स्वयं ओझलता में रहकर हिंदी भाषा को उज्ज्वलित एवं अलंकृत करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। लेकिन वह कारण अब भी संदेह सूचक है, जिसके परिणामस्वरूप कुमाऊंनी साहित्य एवं इसके साहित्यकारों को हिंदी साहित्य के चर्चित इतिहास ग्रंथों से उपेक्षित रखा गया है।
14 साल की उम्र में उपन्यास लिख बटोरीं चर्चाएं
चंपावत। साहित्यकार नमन जोशी ने महज 14 साल की उम्र में मेड एलियन नामक उपन्यास लिखकर खूब चर्चाएं बटोरी। जवाहर नवोदय विद्यालय में अध्ययन के दौरान उनका काव्य संग्रह खौफ जब गली बदल ले भी काफी चर्चा में आया।
वर्तमान बाल विधानसभा के अध्यक्ष भी हैं नमन
चंपावत। नमन जोशी वर्तमान में राज्य की बाल विधानसभा के अध्यक्ष भी हैं। बच्चों के अधिकारों से जुड़े विषयों के साथ ही वह बोर्ड परीक्षा से डर नहीं नामक अभियान के माध्यम से बोर्ड परीक्षार्थियों के मन से परीक्षा का खौफ खत्म कर रहे हैं।