नमन ब्लास्टर का दूसरा काव्य संग्रह प्रकाशित
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यहां जवाहर नवोदय विद्यालय में 11वीं कक्षा में अध्ययनरत 15 वर्षीय छात्र नमन जोशी बलास्टर का दूसरा काव्य संग्रह ‘जिंदगी तन्हा सी’ प्रकाशित हो गया है।
नमन ने यह काव्य संग्रह उत्तराखंड में पूरी तरह पलायन से खाली हो चुके उन गांवों को समर्पित किया है, जहां अब कोई नहीं रहता। पुस्तक में सुमाड़ी, केदारनाथ, रिसाल, अल्मोड़ा, शहीद मेजर राजेश अधिकारी के ढूंगा गांव, अल्मोड़ा करौली, चंपावत, बस्तड़ी आदि वीरान गांवों पर 120 कविताएं लिखी गई हैं। उनकी कविताएं पढ़ने वालों को दिल की गहराइयों से सोचने पर विवश कर देती हैं कि वास्तव में पलायन का दर्द क्या होता है।
कविताओं के माध्यम से सरकार का ध्यान इन वीरान गांवों की तरफ आकर्षित करने का प्रयास भी किया गया है।
इसके अलावा उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों मंदिरों मेलों आदि को भी कविताओं के रूप में संजोया गया है। नमन इससे पूर्व 13 साल की उम्र में पहला काव्य संग्रह ‘खौफ जब गली बदल ले’ लिखकर चर्चा में आए थे। इसके बाद उन्होंने 14 वर्ष की आयु में ‘मेड ऐलियन’ उपन्यास लिखकर खूब नाम कमाया।
इसका दूसरा भाग भी जल्द ही बाजार में आने वाला है। अपनी पढ़ाई को समय देने के साथ ही नमन वर्तमान में सोशल मीडिया में सक्रिय होने के साथ खासे लोकप्रिय भी हैं।