भारत-नेपाल सीमा में महाकाली नदी के तट में स्थित नगरूंघाट में नागार्जुन देवता के पुरातन मंदिर का नवनिर्माण का कार्य शुरू हो गया है। देव पूजन और नागार्जुन देवता की गद्दी लगाने व देव डांगरों की अनुमति मिलने के बाद मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया गया। मंदिर के नव निर्माण को लेकर क्षेत्रीय लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है।
रविवार को नागार्जुन मंदिर में समिति के अध्यक्ष जगदीश चंद्र कलौनी की अध्यक्षता और डॉ. सतीश पांडेय के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में सल्टा के देव डांगर गंगा दत्त पांडेय, बगोटी के जय दत्त पांडेय, जमरसौं के तेज सिंह, मडलक के लक्ष्मी दत्त पांडेय, लेटी डुंगरा के प्रहलाद सिंह और डुमडाई के देवडांगर बहादुर सिंह पर नागार्जुन देवता अवतरित हुए। उन्होंने मंदिर के नव निर्माण की अनुमति दी। देवडांगरों ने शक्तियों को धर्मशाला में स्थापित किया। इस दौरान पासम, डुंगरालेटी, बगोटी-सल्टा, जमरसों, सुल्ला, मजपीपल, मडलक, गुरेली, चामा, सेलपेडू, सुनकुरी, देवकुंडा, रौंसाल, अषलाड़, डुमडाई, पुण्डिल, सागर, गुड़मागल, रौल-धौन-टुनकाण्डे, गजीना, डुंगरा, मढुवा, कमलेड़ी, मटियानी, कुनाड़ी, सीटाक बुंगा, बडम-कन्टुकरा आदि गांवों के लोगों आए थे। इस मौके पर ग्राम प्रधान भुवन भट्ट, मोहन पांडेय, गंगा दत्त, खष्टी बल्लभ पांडेय, विक्रम सिंह, शंकर पुजारी, रमेश चंद, कमल बोहरा, दिनेश शास्त्री, ईश्वरी दत्त, दानी चंद, जय दत्त पांडेय, शंकर दत्त, उमाकांत पुनेठा, हिमांशु राय, दीवान सिंह पुजारी आदि तमाम लोग मौजूद थे। ब्यूरो