चंपावत जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए लाए गए बाल विवाह के आरोपी।
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जिला मुख्यालय से करीब 39 किमी दूर चल्थी क्षेत्र में नाबालिग लड़की के साथ विवाह कराने की कोशिश में पकड़े गए दोनों पक्षों के पंडितों, दूल्हा समेत सातों आरोपियों को अदालत ने बृहस्पतिवार को लोहाघाट बंदीगृह भेज दिया। इन सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
बुधवार को चल्थी क्षेत्र में रहने वाली एक नेपाली किशोरी से विवाह करने के लिए बनबसा से आई बारात को पुलिस ने रोक लिया। दुल्हन के नाबालिग होने की पुष्टि होने पर पुलिस ने मंडप में विवाह की रस्मों को रोककर दूल्हा नेपाल निवासी (हाल निवासी मीना बाजार बनबसा) प्रकाश सिंह (24), दूल्हे के पिता लाल सिंह, विवाह कराने आए पंडित जयदत्त कलोनी निवासी वार्ड नंबर तीन दुधारा चांदनी (नेपाल) व एक अन्य व्यक्ति केशव, किशोरी का विवाह करा रहे उसके भाई वीरेंद्र सिंह, चचेरे भाई केशव बोहरा और किशोरी पक्ष की ओर से विवाह कराने के लिए आए पंडित रमेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने 14 साल की किशोरी को छुड़ा कर उसके रिश्तेदारों के सुपुर्द कर दिया। बताया जा रहा है कि किशोरी के पिता नहीं हैं, जबकि उसकी मां विवाह के समय मौजूद नहीं थी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ चल्थी चौकी में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 3, 9, 10 व 11 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच अधिकारी चल्थी पुलिस चौकी प्रभारी पीआर विश्वकर्मा ने बृहस्पतिवार को चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र कुमार की अदालत में पेश किया। न्यायालय से इन आरोपियों को जेल न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।