पाटी में हत्या आरोपियों पर हमला करने वाली भीड़ को रोकती पुलिस। संवाद
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चंपावत में पाटी के बिसारी गांव के मोहित पचौली की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए। पुलिस के मुताबिक मोहित की हत्या उसके दोस्तों ने की। चारों के नशे में होने से आपसी चर्चा ने विवाद का रूप ले लिया और एक युवक नशे की भेंट चढ़ गया।
चंपावत जिले में नशे का चलन तेजी से बढ़ गया है। यहां के बाशिंदे हर साल 200 करोड़ से अधिक की शराब गटक जाते हैं। चरस की बड़ी खेप भी हर साल पकड़ी जा रही है। स्मैक पीने वाले लगातार बढ़ रहे हैं। ये हालात तब हैं जब पुलिस से लेकर समाज कल्याण विभाग और कई सामाजिक संगठन नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं।
अगर नशे में दोस्तों के बीच तर्क-वितर्क नहीं होते तो शायद मोहित आज हम सबके बीच होता। नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश जोशी शूल, सामश्रवा आर्य, त्रिलोचन जोशी का कहना है कि नशा अपराध की जड़ है। नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले संगठनों को अभियान के तरीके को हालात के हिसाब से बदलना होगा। इसके लिए सबका सहयोग चहिए।