सिखों के प्रसिद्ध गुरुद्वारे के चलते देश-दुनिया में मशहूर श्रीरीठा साहिब तक रेल सफर को लेकर हलचल तेज हो गई है। हल्द्वानी से श्रीरीठा साहिब के बीच की 64.6 किलोमीटर लंबी रेल लाइन की संभावनाओं को टटोला जा रहा है। इसे लेकर रेल विभाग द्वारा तैनात एक प्राइवेट एजेंसी ने करीब एक सप्ताह तक मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया। प्रारंभिक जानकारी एकत्र करने के बाद अगले कुछ महीनों में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट (डीपीआर) बनाई जाएगी, जिसे पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर को सौंपा जाएगा।
सर्वे करने वाली प्राइवेट कंपनी शक्ति एसोसिएट्स के अरशद ने बताया कि 64.6 किलोमीटर की प्रस्तावित इस रेल लाइन की संभावनाओं को टटोला गया। रेल मार्ग के एलाइमेंट को देखा गया। रेल ट्रेक बनाने के लिए नदी किनारे-किनारे, पहाड़ी और अन्य रूटों पर विचार किया गया। हल्द्वानी से श्रीरीठा साहिब के बीच पांच स्टेशनों (देवला, सुंखर, हत्यारिटल, खोलगढ़, टांडा) पर विचार किया जा रहा है। रेल संघर्ष समिति के संयोजक भवान सिंह परवाल का कहना है कि श्रीरीठा साहिब को रेल रूट से जोड़ने की अर्से से मांग की जा रही थी। वहीं जिला और पाटी तहसील प्रशासन को सर्वे से संबंधित कोई जानकारी नहीं है।