श्रीरीठा साहिब का अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) के एकमात्र फार्मेसिस्ट के छुट्टी पर जाने से अस्पताल का दरवाजा खोलने वाला भी कोई नहीं रहा। अस्पताल दो दिन से बंद है। श्रीरीठा साहिब गुरुद्वारे के बाबा श्याम सिंह तबियत बिगड़ने पर मंगलवार को अस्पताल पहुंचे, लेकिन मायूस लौट आए।
लधिया घाटी के केंद्र श्रीरीठा साहिब का यह अस्पताल कई गांवों के लोगों के लिए अकेला सहारा है। मगर शनिवार से अस्पताल में कोई भी डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी नहीं है। अस्पताल पर ताला लटका है। अस्पताल बंद होने की वजह से लोगों को परेशानी हो रही है।
फार्मेसिस्ट के सोमवार से छुट्टी पर होने के कारण अस्पताल के दरवाजे खोलने वाला भी कोई नहीं है। पैरा लीगल वालंटियर (पीएलवी) हयात राम का कहना है कि अन्य दिनों में एकमात्र फार्मेसिस्ट दीपक गिरि गोस्वामी के सहारे अस्पताल चलता है।
डॉक्टर, वार्डब्वाय से लेकर दूसरे कार्मिक भी नहीं हैं। गर्भवती महिलाओं समेत दुर्घटना के घायलों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। नागरिकों का कहना है कि एकमात्र आपात चिकित्सा सेवा 108 के जरिए ही यहां के लोगों को 62 किमी दूर लोहाघाट भेजा जाता है।
श्रीरीठा साहिब के एपीएचसी में संविदा की डॉक्टर तैनात है, लेकिन यहां तैनात डॉक्टर 104 दिनों से गैर हाजिर है। सीएमओ कार्यालय के मुताबिक श्रीरीठा में तैनात डॉक्टर 13 अगस्त 2015 से अनुपस्थित है, और उनके स्थान पर किसी दूसरे डॉक्टर की तैनाती भी नहीं की गई है।