27 दिन बाद मां की ममता स खुशी बच्चे और मां हेमा शर्मा।
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए पूरी दुनिया लॉकडाउन है। इस लॉकडाउन ने एक मां और उसके कलेजे के टुकड़ों को 27 दिन दूर किए रखा। पल-पल मां की ममता और गोद को तरसते इन मासूमों को 27 दिन बाद विधायक गहतोड़ी के प्रयासों से मां का प्यार मिल पाया है।
थ्वालखेड़ा निवासी ओमप्रकाश शर्मा उर्फ लल्लू की पत्नी हेमा शर्मा 20 मार्च को दस माह नन्हीं बेटी समेत तीन बच्चों को पति के साथ छोड़ कर अपनी छोटी बहन की पुत्री के नामकरण में शामिल होने काशीपुर गई थी। अगले दिन 21 मार्च को जनता कर्फ्यू और फिर 22 मार्च से 21 दिन का लॉकडाउन होने से हेमा अपनी बहन के घर काशीपुर में ही फंसी रह गईं।
इसके बाद तीन मई तक हुई लॉकडाउन की घोषणा से हेमा का धैर्य जवाब दे गया। घर आने को झटपटाती हेमा किसी तरह क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी के काशीपुर स्थित घर में पहुंची। हेमा की व्यथा सुन विधायक गहतोड़ी ने डीएम से हेमा के पति को लॉकडाउन पास जारी कराया। तब जाकर वह 27 दिन बाद अपने कलेजे के टुकड़ों के पास पहुंच पाई। हेमा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर उसने जैसे-तैसे 21 दिन का लॉकडाउन तो झेल लिया, लेकिन लॉकडाउन की अवधि बढ़ी तो वह बेचैन हो गई थी। हेमा के पति ने बताया कि हेमा के घर पहुंचते ही उनकी दस माह की नन्हीं बेटी दीक्षा मां की गोद में बैठ खिलखिला उठी। हेमा ने विधायक गहतोड़ी का दिल से आभार जताया है।