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चंपावत में सड़क दुर्घटनाओं से जा रही ज्यादातर जानें

Fri, 08 Jul 2016 10:25 PM IST
चंद्रशेखर जोशी, चंपावत
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बिना हेलमेट के बाइक सवार - फोटो : अमर उजाला
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सड़क पर तेज रफ्तार और बेपरवाह तरीके से चलने वाले वाहन लोगों की जिंदगी के लिए सबसे बड़ा खतरा बन रहे हैं। इन हादसों में जिंदगी गंवाने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। ये चुनौती कितनी बड़ी है, इसका अंदाज बस इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि रोड हादसों से होने वाली मौतों का आंकड़ा हत्याओं से भी ऊपर चढ़ गया है।
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चंपावत जिले में सड़कों का जाल बहुत नहीं है और न हर वाहनों की तादात बेशुमार है। जिले में एनएच सहित रोड की कुल लंबाई करीब 1200 किलोमीटर है, जबकि जिले में दोपहिये को मिलाकर करीब 21 हजार वाहन पंजीकृत हैं। यहां रोड पर अधिक दबाव नहीं है। पहाड़ों में 2002 से रात 8 बजे बाद से वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध है। इन सबके बावजूद यहां सड़क दुर्घटनाओं में लगाम नहीं लग पा रही है। कुछ जगहों में खराब रोड, वाहनों की फिटनेस और लापरवाह तरीके से होने वाली ड्राइविंग को इसकी वजह माना जा रहा है।
हादसों की रोकथाम के लिए कुछ विशेष नहीं किया जा रहा है, जबकि एनएच पर बनबसा और चंपावत कोतवाली के अलावा एक चौकी है। हर साल हत्याओं के मामलों से कई गुना ज्यादा जान रोड दुर्घटनाओं में जा रही है।
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 वर्ष       सड़क दुर्घटनाओं में मौत      हत्याएं
2011                15                    02
2012                18                    02
2013                16                    06
2014                08                    02
2015                08                    06
2016 (जून तक)  09                    01


सड़क सुरक्षा के लिए उठा रहे हैं कदम
एआरटीओ रश्मि भट्ट का कहना है कि सड़क हादसों को रोकने के लिए परिवहन विभाग अपने स्तर से कई कदम उठा रहा है। इनफोर्समेंट के अलावा वाहनों की फिटनेस, शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही विभिन्न तरीकों से सड़क सुरक्षा को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए संबंधित पक्षों के साथ सड़क सुरक्षा गोष्ठी, रैली, पंफलेट वितरण, स्कूलों में डॉक्यूमेंट्री के जरिए जागरूकता की मुहिम चलाई जा रही है।


सड़क हादसों को रोकने के लिए परिवहन विभाग और प्रशासन के साथ मिलकर पुलिस अभियान चला रही है। इसे आगे और मुस्तैदी से चलाया जाएगा। ड्यूटी में हीलाहवाली वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
दिलीप सिंह कुंवर, एसपी, चंपावत।


...हेलमेट पहना होता, तो बच जाती जान
जिले में बहुतेरे दोपहिया चलाने वाले अपने अलावा दूसरों के लिए भी खतरा बन रहे हैं। बेतहाशा तेज गति के अलावा हेलमेट के बगैर वाहन चला जिंदगी को जोखिम में डाल रहे हैं। पुलिस ऐसे तत्वों के खिलाफ यदाकदा मुहिम तो चलाती है, पर इस अभियान में भी नियम तोड़ने वाले रसूखदारों पर कार्रवाई कम हो पाती है। पिछले साल बाइक हादसे में एक ग्राम विकास अधिकारी की मौत हो गई थी। इसी तरह 30 मई को दोपहिये से टनकपुर को जा रहे गंगोलीहाट के एक व्यक्ति की मौत अमोड़ी के पास हो गई थी। ऐसे कई अन्य उदाहरण भी है, मगर पुलिस न तेज रफ्तार को रोक पा रही है और न ही हेलमेट पहनने को बाइक सवारों को बाध्य कर पा रही है।
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