मां पूर्णागिरि मेले में दूसरे दिन साठ हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। वहीं, मेला प्रशासन की सुस्ती से व्यवस्थाएं अब भी पटरी पर नहीं आ पाई है और श्रद्धालु परेशानी झेलने को मजबूर हो रहे हैं। उधर, बाहरी जिलों से मांगा गया फोर्स नहीं पहुंचने से सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद नहीं हो पाई है।
सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले में हर साल बड़ी संख्या में दूर-दराज से श्रद्धालु मां पूर्णागिरि के दर्शन को आते हैं। बुधवार को मेले के दूसरे दिन भी भारी संख्या में तीर्थयात्री देवी के दर्शन को पहुंचे। मेले के पहले दिन शाम होते ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ानी शुरू हो गई थी और बुधवार को पूरे दिन श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही का सिलसिला बना रहा। मेला प्रशासन के अनुसार 24 घंटे में साठ हजार से ज्यादा भक्तों ने मां के दर्शन किए।
श्रद्धालुओं की दिन-रात लगातार आवाजाही बनी हुई है, लेकिन मेले की व्यवस्थाएं अब भी नहीं सुधर पाई हैं। शार्टकट रास्तों को टिन शेड लगाकर बंद करने के निर्देश पर भी मेला शुरू होने के दो दिन बाद तक अमल नहीं हो पाया है। ठुलीगाड़ भंडारा स्थल पर सफाई के कोई इंतजाम नहीं हैं। जमीन पर बिखरे झूठे पत्तलों से नंगे पैर गुजरते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे ज्यादा खराब हाल टनकपुर शारदा स्नानघाट के हैं। स्नानघाट निर्माण कार्य के चलते इस बार घाट के दक्षिणी छोर पर अस्थायी स्नानघाट बनाया गया है, लेकिन वहां महिलाओं के लिए सिर्फ एक चैंजिंग रूम बनाया गया है। वहीं अस्थायी शौचालयों एवं रात के वक्त रोशनी की भी अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है।