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साढ़े सात सौ लोगों में जगी घर वापसी की उम्मीद

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अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। केंद्र सरकार के फैसले से चंपावत जिले के दूसरे राज्यों में फंसे 550 और चंपावत जिले में फंसे अन्य राज्यों के 205 लोगों की घर वापसी की उम्मीद बढ़ गई है। जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद फंसे लोगों को 4 मई से लाया जा सकेगा। केंद्र सरकार के इस आदेश के बाद जिला प्रशासन ने भी तैयारी तेज कर दी हैं। जिले में आने वाले सभी लोगों को परीक्षण के बाद अनिवार्य रूप से 14 दिन तक क्वारंटीन किया जाएगा। उत्तराखंड में 22 मार्च से लॉकडाउन के बाद से आवाजाही बंद होने से काफी संख्या में लोग फंसे है। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि चंपावत जिले के लोग मुख्य रूप से दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, केरल आदि राज्यों में हैं। जिले की सीमा में पहुंचने पर इन सभी लोगों को परीक्षण के बाद अनिवार्य रूप से 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा। क्वारंटीन करने के लिए विभिन्न होटलों के एक हजार कमरों के अलावा 103 पंचायतघर भवन और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे सरकारी स्कूलों के भवन को उपयोग में लाया जाएगा।  वहीं परिवहन निगम के टनकपुर स्थित मंडलीय कार्यालय में बसों को लेकर अभी कोई निर्देश नहीं आए हैं। मंडलीय प्रबंधक पवन मेहरा का कहना है कि पर्याप्त संख्या में बसें और स्टाफ हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश होने पर बसों को भेजा जाएगा।
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