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28 फरवरी को पहुंचना था वतन, 28 अप्रैल को भी नहीं पहुंचे घर

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NA - फोटो : AMAR UJALA
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संवाद न्यूज एजेंसी, चंपावत। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम को लेकर जारी लॉकडाउन के कारण चंपावत जिले के एक युवक को ईरान से अपने वतन और घर पहुंचने में दो माह का समय लग गया, अब भी वह घर से दूर हैं। दूरस्थ गांव खटोली युवा प्रवीण बुरांठी को घर वापसी के लिए देश-विदेश में चार बार क्वारंटीन में रहना पड़ा। किसी तरह घर के नजदीक पहुंचे युवक को एक बार फिर से क्वारंटीन में रखा गया है। प्रवीण बुरांठी सऊदी अरब से कजाकिस्तान और ईरान के बीच मर्चेंट नेवी में कार्य करते हैं। 28 फरवरी को उन्हें वतन लौटना था, लेकिन कोरोना के कहर से ये संभव नहीं हो सका। भारत के लिए फ्लाइट का समय निकट आते ही उन्हें ईरान प्रशासन ने 14 दिन के क्वारंटीन में भेज दिया। क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद दिल्ली फ्लाइट का टिकट दे दिया गया। दिल्ली पहुंचते ही प्रवीण को राजस्थान आर्मी कैंप में 14 दिनों के क्वारंटीन में भेज दिया गया। सैंपल जांच में निगेटिव आने के बाद भी प्रवीण की क्वारंटीन अवधि 14 दिन और बढ़ा दी गई। समय सीमा पूरी होने के बाद उन्हें दिल्ली से चंपावत के लिए भेजा गया। चंपावत पहुंचने के बाद उन्हें चौथी बार क्वारंटीन में भेज दिया गया है। ::: अभी भी घर पहुंचने के लिए करना होगा इंतजार :: चंपावत। प्रवीण बुरांठी को जिला मुख्यालय के एक होटल में चौथी बार क्वारंटीन किया गया है। जिस कारण उसे घर जाने के लिए अभी कुछ दिनों का इंतजार और करना होगा। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय के अनुसार बाहरी क्षेत्रों से आने वाले सभी लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है तथा उन्हें एहतियातन 14 दिनों के संस्थागत क्वारंटीन और उसके बाद 14 दिनों के लिए होम क्वारंटीन में रखा जा रहा है।
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