आधार कार्ड बनाने वाले केंद्रों के संचालकों को आधार कार्ड बनाने में अधिक धनराशि वसूलने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। भारतीय प्रशासनिक सेवा में उप महानिदेशक राजेश कुमार सिंह ने इस संबंध में डीएम डॉ.अहमद इकबाल को दिशा निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि भारत सरकार की ओर से भारतीय विशिष्ट पहचान पत्र की प्रक्रिया के तहत प्रत्येक व्यक्ति को डिजिटल पहचान देने के लिए शासकीय और गैर शासकीय रजिस्टारों के माध्यम से आधार कार्ड की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। लेकिन कुछ आपरेटरों की ओर से आधार से संबंधित कार्यों के लिए प्राधिकरण द्वारा निर्धारित धनराशि से अधिक मांगे जाने की शिकायतें मिल रही है। जिस पर प्रभावी नियंत्रण किए जाने के निर्देश डीएम को दिए हैं।
उन्होंने कहा है कि आधार कार्ड का पंजीकरण और उससे संबंधित अन्य कार्यों के लिए प्राधिकरण ने दरें निर्धारित की हैं। पांच से 15 वर्ष की आयु पर आधार पंजीकरण, बायोमेट्रिक की जानकारी निशुल्क दी जाएगी। बायोमेट्रिक अपडेशन और डेमोग्राफिक अपडेशन के लिए 25 रुपये, आधार नंबर पता करना, ई-आधार प्रिंट के लिए 20 रुपये तथा ईआधार प्रिंट के लिए 10 रुपये निर्धारित किया गया है।
जिले में नौ स्थायी आधार सेंटर नियत हैं। जिनमें टनकपुर में अशोक कुमार गहतोड़ी, फागपुर में दीपक कुमार, बाराकोट में अशोक कुमार, टनकपुर में ऋषभ बिष्ट, बनबसा में कपिल भार्गव, चंदनी बनबसा में शमा भार्गव, कोट अमोड़ी में कृष्ण चंद्र तथा ज्ञानखेड़ा टनकपुर में बबीता चंद आधार केंद्रों का संचालन कर रहे हैं। जबकि चंपावत में सुनील जोशी आधार केंद्र का संचालन कर रहे हैं। डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने आधार केंद्र संचालकों को आगाह किया है कि वे आधारकार्ड पंजीकरण एवं अन्य कार्यों के लिए आने वाले अभ्यर्थियों से निर्धारित शुल्क से अधिक न वसूलें। अधिक शुल्क वसूली की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने आधार कार्ड पंजीकरण कराने वाले लोगों से कहा है कि निर्धारित शुल्क से अधिक धनराशि लेने वालों की शिकायत उनके या एसडीएम कार्यालय में करें।