टनकपुर (चंपावत)। इंप्लॉयी पेंशन स्कीम (ईपीएस 95) संघर्ष समिति की सभा में पेंशन बढ़ाने की मांग की गई। पेंशन बढ़ाने के लिए प्रस्तावित आंदोलन के तहत रेल रोको और सड़क रोको जैसे कदम उठाने की चेतावनी दी गई। रोडवेज की क्षेत्रीय कार्यशाला के गेट पर हुई सभा में संगठन के प्रदेश महासचिव सुरेश डंगवाल ने कहा कि ईपीएस-95 पेंशन के बारे में सर्वोच्च न्यायालय ने चार नवंबर 2022 को फैसला दिया। इसके बाद भी योजना के लाभार्थी पेंशनरों को 500 से 3,000 रुपये तक पेंशन मिल रही है जो महंगाई के इस दौर में पति-पत्नी के गुजारे लायक नहीं है। रुपये न होने पर बीमारी की स्थिति में इलाज के लिए परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने 30 से 35 साल की सेवा में प्रतिमाह वेतन से पेंशन फंड की कटौती करा कर देश के विकास में योगदान दिया है लेकिन बुढ़ापे के समय सरकार इतनी भी पेंशन नहीं दे रही है जिससे वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें। पेंशनरों ने न्यूनतम 7,500 रुपये पेंशन, महंगाई भत्ता, योजना से वंचित कर्मचारियों को न्यूनतम 5,000 पेंशन, पेंशनरों को चिकित्सा सुविधा मांगी है। सभा में राष्ट्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर प्रस्तावित रेल रोको, रास्ता रोको आंदोलन की भी तैयारी की गई।
सभा में ये लोग थे मौजूद
सभा में संगठन के प्रदेश सहसचिव सुभाष शाह, कैलाश पांडेय, एलडी शर्मा, मोहनदेव भट्ट, मोहन सिंह कार्की, सतीश ज्याल, संतोष गुप्ता, सूरज भारद्वाज, केएन पांडेय, अंजू पाल आदि थे।
ईपीएस 95 संगठन की बैठक 22 को होगी
चंपावत। विभिन्न निगमों और सरकारी उपक्रमों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के संगठन ईपीएस 95 की बैठक 22 फरवरी को रोडवेज बस स्टेशन सभागार में होगी। संगठन के जिलाध्यक्ष नारायण दत्त जोशी ने बताया कि बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अलावा मृतक आश्रितों के पेंशन फार्म भी भरे जाएंगे। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों और मृतक आश्रितों से बैठक में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग कर पेंशन प्रपत्र भरने की अपील की है।