मौज-मस्ती और जरूरतों को पूरा करने के लिए रंगदारी करने का मामला सामने आया है। इसमें कक्षा तीन से दस तक पढ़ने वाले छह नाबालिग छात्र (सभी की उम्र 7 से 15 वर्ष के बीच) कक्षा पांच में पढ़ने वाले 10 वर्षीय साथी को डरा-धमकाकर लंबे समय से रकम वसूल रहे थे। अपने साथियों की मांग को पूरा करने के लिए पीड़ित बच्चा अपने घर से नकदी चोरी करने को भी मजबूर हुआ। वाकये का पता चलने पर परिजनों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने वसूली करने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को थाने में तलब किया। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। अलबत्ता पीड़ित बच्चों एवं उनके अभिभावकों के लिखित आश्वासन के बाद मामला सुलझ गया।
आदर्श कालोनी मोहल्ले में रहने वाले एक नाबालिग को नगर और ग्रामीण क्षेत्र के छह नाबालिग बच्चे पिछले करीब छह माह से प्रताड़ित कर रहे थे। उससे रोज रुपये की मांग करते थे। पीड़ित बच्चे के परिजनों ने बताया कि इस दौरान इन बच्चों ने उनके बेटे को डरा-धमकाकर करीब 30 हजार रुपये वसूल लिए। पीड़ित बच्चे का कहना है कि एक बार तो वसूली करने वाले बच्चों ने उसकी गर्दन पर चाकू भी रख दिया। ये बच्चे मन-माफिक रुपये न देने पर उसे (पीड़ित बच्चे) और उनके मम्मी-पापा को भी जान से मारने की बात कहते थे।
बताया गया कि इस डर से बच्चा घर से रुपये चोरी करने को भी मजबूर हुआ। बच्चे ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर परिजनों को आपबीती सुनाई। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। थानाध्यक्ष मीनाक्षी नौटियाल का कहना है कि आरोपी नाबालिग बच्चों और उनके अभिभावकों को थाने में बुलाया गया। पीड़ित बच्चे के पिता ने आरोपी बच्चों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई। एसओ का कहना है कि बच्चों और उनके अभिभावकों द्वारा भविष्य में इस प्रकार के काम न करने का लिखित भरोसा देने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।