किरोड़ा नाले को चैनलाइज किए जाने की योजना को लेकर नायकगोठ व थ्वालखेड़ा ग्राम पंचायत की बैठक में ग्रामीणों ने खनन से गांव को खतरा बताते हुए इसका विरोध किया है। उन्होंने दो टूक कहा है कि नाले से खनन किसी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन द्वारा जोर -जबरदस्ती की तो उसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
सरकार की रिवर ट्रेनिंग नीति के तहत जिला प्रशासन व खनन विभाग ने नायकोठ व थ्वालखेड़ा गांव के बीच किरोड़ा नाले को चैनलाइज करने की योजना मंजूर की है, जिसका ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जा रहा है। पिछले दिनों सीमांकन को पहुंची वन, सिंचाई, राजस्व व खनि कर्म इकाई की टीम का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध कर बैरंग लौटा दिया था। इधर चैनलाइजेशन योजना के ठेकेदार द्वार खनन को लेकर ग्रामीणों के बीच सहमति बनाने के प्रयास के बाद शनिवार को नायकगोठ व थ्वालखेड़ा के ग्रामीणों ने संयुक्त बैठक की।
बैठक में ग्रामीणों ने खनन से गांवों को खतरा बताते हुए कड़ा विरोध किया। उनका कहना था कि बरसात में नाले से होने वाले कटाव की रोकथाम के तो उपाय नहीं किए जा रहे हैं ऊपर से खनन हुआ तो गांवों पर खतरा और बढ़ जाएगा। तय हुआ है कि नाले से खनन किसी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा। बैठक में नायकगोठ की प्रधान रेनू देवी, थ्वालखेड़ा प्रधान सुंदर बोहरा, पूर्व प्रधान जीत सिंह, सतीश पांडेय, सुंदरी देवी, देव सिंह नेगी, गिरीश राय, कृष्ण सिंह, कमला महर, विशन सिंह, गणेश दत्त तिवारी, गिरीश शर्मा, नरेश सकारी, महेश सिंह, दीपक सिंह आदि मौजूद थे।