टनकपुर (चंपावत)। खनिज निकासी में ओवरलोडिंग की छूट से भड़के कारोबारियों और वाहन मालिकों ने बृहस्पतिवार को विरोध में शारदा में खनन बंद रखा। उनका कहना है कि सरकार की ओर से ओवरलोडिंग में छूट से अव्यवस्था फैल रही है और दुर्घटना का भी खतरा पैदा हो रहा है। वन निगम के खनन प्रबंधक देवेंद्र पुंडिर ने समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भी भेजा। खबर लिखे जाने तक मामले में कोई निर्णय नहीं हो पाया था।
राजस्व बढ़ाने के फेर में इस बार सरकार ने नदियों से खनिज निकासी में ओवरलोडिंग की छूट दी है। बुधवार से वन निगम ने ओवरलोडिंग लागू की तो वाहन मालिक भड़क गए। उनका कहना है कि कोई वाहन 125 क्विंटल खनिज ढो रहा है तो कोई 150 क्विंटल तक खनिज की निकासी कर रहे हैं। ऐसे में कम क्षमता के वाहन मालिकों को नुकसान हो रहा है। वहीं क्रशरों में भी ओवरलोडिंग पर निर्धारित मूल्य नहीं दिया जा रहा है।
यूनियन के फैसले पर कारोबारी और वाहन मालिकों ने विरोध में बृहस्पतिवार की सुबह से खनिज निकासी ठप रखी। उन्होंने ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया तो वन निगम के खनन प्रबंधक ने मौके पर पहुंच यूनियन पदाधिकारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने।
अध्यक्ष अमन ठाकुर का कहना है कि खनिज निकासी की मात्रा निर्धारित किए जाने तक खनन बंद रखा जाएगा। इस दौरान यूनियन पदाधिकारियों के अलावा बचन सिंह अधिकारी, दीपेंद्र चंद, राजेंद्र रजवार, विकास शर्मा, रोहित शर्मा, अशोक मुरारी, सुभाष कटौच, सूर्यप्रकाश, शहरोज हुसैन, भीम रजवार आदि मौजूद थे।