संवाद न्यूज एजेंसी, टनकपुर (चंपावत)। शारदा में जल स्तर से बढ़ते खतरे को प्रशासन और खनन विभाग भले ही नजरअंदाज कर रहा हो, लेकिन खनन कारोबारियों की शक्तिमान ट्रक यूनियन ने शनिवार से खनिज निकासी बंद करने का निर्णय लिया है।
यूनियन का कहना है कि अचानक जल स्तर बढ़ने से जान-माल की क्षति हो सकती है। खनन विभाग और प्रशासन जान-माल की सुरक्षा की गारंटी लेगा, तो खनन जारी रखने पर विचार किया जाएगा। कोरोना महामारी का खनन कारोबार और राजस्व पर पड़े विपरीत प्रभाव को देखते हुए सरकार ने गत 30 मई को खनन सत्र समाप्त होने के बाद दुबारा खनन की अनुमति दी है, जिसके बाद गत 7 जून से अप और डाउन स्ट्रीम में फिर खनन शुरू हुआ। लेकिन अब पहाड़ों में वर्षा से शारदा का जलस्तर लगतार बढ रहा है। ऐसे में खनन में लगे श्रमिकों और वाहनों की सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया है।
जल स्तर के कारण अप स्ट्रीम में वाहन नदी पार कर खनन क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं तो वहीं डाउन स्ट्रीम से खनिज निकासी में एनएचपीसी प्रबंधन द्वारा खतरे से आगाह किए जाने के बाद वाहन मालिकों की सहमति पर यूनियन ने शनिवार से खनिज निकासी बंद करने का फैसला लिया है। यूनियन अध्यक्ष आनंद सिंह महर का कहना है कि नदी का जल स्तर लगातर बढ़ रहा है और कई वाहन बहने से बच चुके हैं। ऐसे में खनन जारी रखना संभव नहीं है। वाहन मालिकों की सहमति पर ही यूनियन ने खनन बंद करने का फैसला लिया गया है। हां यदि खनन विभाग और प्रशासन श्रमिकों और वाहनों की सुरक्षा की गारंटी देेगा तो विचार किया जा सकता है।
--::: यूनियन से वार्ता कर खनन सुचारू रखने का होगा प्रयास :: "विभाग की ओर से खनन बंद करने का न तो कोई फैसला नहीं लिया गया है और न ही कोई आदेश दिए हैं। यह खनन कारोबारी और वाहन मालिकों की यूनियन का अपना फैसला है। सुरक्षा के मसले पर यूनियन से बात कर खनन सुचारू रखने को कहा जाएगा। विभाग की ओर से 30 जून तक खनन जारी रखा जाएगा।" -हरीश पाल, प्रभारी शारदा खनन।