लोहाघाट (चंपावत)। करीब 44 वर्ष पहले बनी सुंई लिफ्ट योजना का पुनर्गठन नहीं होने से छह हजार की आबादी के सामने गंभीर पेयजल संकट पैदा हो गया है। पाइप लाइन बदलने के नाम पर लाखों रुपया बहाने के बावजूद नलों से पानी नहीं टपक रहा है। लोगों को बरसात के सीजन में भी तीसरे दिन पानी मिल पाया।
लिफ्ट योजना का निर्माण सुई क्षेत्र की पऊ ग्राम पंचायत के पऊ, चनकांडे, चमनपुर, तत्कालीन खैसकांडे ग्राम पंचायत में शामिल चौबेगांव, डुंगरी, सातखाल के अलावा बाराकोट ब्लॉक के कालाकोट गांव की आबादी की प्यास बुझाने के लिए किया गया था। योजना में खैसकांडे ग्राम पंचायत के खैसकांडे, सबकुड़ा, पारकुड़ा, रौंजा आदि तोक भी शामिल थे। उस समय इन सभी क्षेत्रों की आबादी लगभग दो हजार थी। वर्तमान में इन क्षेत्रों की आबादी छह हजार के करीब पहुंच चुकी है।
पिछले 15 वर्षों में पऊ ग्राम पंचायत के तोक छमनियां, कालाढुंगा, गलचौड़ा भी योजना से जुड़े हैं। आबादी बढ़ने के साथ नए संयोजन बढ़े लेकिन न तो पंपों की क्षमता बढ़ी और न मुख्य पेयजल योजना के पाइपों का आकार ही बढ़ा। अब नौबत यहां तक पहुंच चुकी है कि बरसात के समय भी योजना से ग्रामीणों को तीसरे दिन सिर्फ 40 से 50 मिनट पानी मिल पाया। राहत की बात यह है कि खैसकांडे ग्राम पंचायत में ट्यूबवेल लगने से क्षेत्र में पानी की समस्या का समाधान हो गया है लेकिन पऊ ग्राम पंचायत के लोग अब भी लिफ्ट योजना पर ही निर्भर हैं।
पऊ क्षेत्र में जलस्रोतों की भारी कमी
लोहाघाट (चंपावत)। पऊ क्षेत्र में जलस्रोतों की भारी कमी होने से लोगों को पेयजल के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। गांव का मुगलानी नौला लगभग सूख गया है। सेरान, भनौला, चैड़ानी और मस्टा नौले के पानी का स्तर लगातार कम हो रहा है। पानी की कमी के चलते इंटर कॉलेज समेत अन्य स्कूलों की मिड-डे-मील व्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ रहा है। अधिकतर जनता हैंडपंपों के पानी पर निर्भर है। संवाद
योजना के पुनर्गठन की मांग हुई तेज
लोहाघाट (चंपावत)। सुई लिफ्ट पेयजल योजना के पुनर्गठन की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। पूर्व जिपं सदस्य सचिन जोशी, पूर्व प्रधान शांति चतुर्वेदी, मदन पुजारी, बसंत चतुर्वेदी आदि ने लिफ्ट योजना का पुनर्गठन कर लोगों को राहत देने की मांग की है। संवाद
सुंई लिफ्ट पेयजल योजना के पुनर्गठन का कार्य जल जीवन मिशन योजना में रखा गया है जिसके तहत योजना की मुख्य लाइन, कनेक्शन, वितरण प्रणाली में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया गया है जिसकी डीपीआर तैयार कर ली गई है। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। -पवन बिष्ट, सहायक अभियंता, जल संस्थान।