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Champawat News: चंपावत में नए डिजाइन से होगा शहीद स्मारक का निर्माण

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चंपावत के पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के परिसर के इस अधूरे शहीद स्मारक को तोड़ कर अब नया बनाया जाएगा? - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। 16 दिसंबर भारतीय फौज की विजयगाथा का दिन है। पाकिस्तान के दांत खट्टे कर दो टुकड़े कर विजय दिवस के शुक्रवार को 51 साल पूरे हो जाएंगे। इस विजयगाथा में देश के अन्य हिस्सों की तरह चंपावत जिले के 13 सैनिकों ने हिस्सा लिया। आजादी के बाद से अब तक विभिन्न युद्धों और ऑपरेशनों में चंपावत जिले के 73 सैनिक शहादत दे चुके हैं लेकिन जिले में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों की स्मृतियों को संजोने के लिए शहीद स्मारक नहीं है। निर्माणाधीन स्मारक का काम बजट की कमी से साढ़े छह साल से बंद है। अब इस अधूरे स्मारक को तोड़ कर नए सिरे से काम शुरू होगा।
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चंपावत जिले में शहीदों की स्मृतियों से संबंधित कोई स्मारक नहीं है। इस कमी को पूरा करने के लिए वर्ष 2015 में शहीद स्मारक के निर्माण के लिए सैनिक कल्याण विभाग परिसर में काम शुरू हुआ। स्मारक के निर्माण को लेकर कुछ काम हुआ भी, फिर धन की कमी से स्मारक निर्माण का काम बंद हो गया। शहीद स्मारक में शहीदों के नामों के अंकन, प्लेटफार्म से लेकर फिनिशिंग का काम धन की कमी से नहीं हो सका। अब इस शहीद स्मारक के लिए धन मंजूर हो गया है। अधूरे स्मारक को तोड़ इस स्थान पर नए सिरे से बनाया जाएगा। इस स्मारक में तीन पटल (पत्थर) लगाए जाएंगे जिसमें सभी 73 शहीदों के नाम अंकित किए जाएंगे।
चंपावत जिले के शहीदों की स्मृति से जुड़े शहीद स्मारक का काम जल्द शुरू होगा। मौजूदा ढांचे को तोड़कर इस स्मारक का निर्माण सात लाख अठावन हजार रुपये से ग्रामीण निर्माण विभाग कराएगा। शहीद स्मारक का काम छह माह में पूरा करा लिया जाएगा।
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- लेफ्टिनेंट कर्नल वीपी भट्ट, जिला पूर्व सैनिक कल्याण अधिकारी, चंपावत।
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