एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट द्वारा बचाई गई यूपी की एक विवाहिता को पुलिस ने सकुशल उसके परिजनों को सौंप दिया है। शनिवार देर रात्रि महिला के परिजन उसे यहां आकर रीड्स संस्था के पुनर्वास केंद्र से घर वापस ले गए।
बता दें कि उत्तर प्रदेश से पूर्णागिरि मंदिर के दर्शन को रिश्तेदारों के साथ एक महिला यहां आई थी। उसका विवाह हुआ था, किंतु वह पति के साथ नहीं रहती थी। पूर्णागिरि से वापस आने पर वह बनबसा में सुनीता नाथ के संपर्क में आ गई, जिसने उसकी अच्छे घर में शादी कराने की बात कहकर रोक लिया था। चार दिन पहले 31 दिसंबर को सुनीता अपने सहयोगी रमेश राम के साथ मिलकर उसका सौदा नवाबगंज के लोगों के साथ करने जा रही थी। इसी बीच एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने पूरे गिरोह को दबोच लिया। यूनिट कर्मियों ने पीड़िता को रीड्स संस्था के पुनर्वास केंद्र में रखा था।
बीते दिवस मुुंसिफ न्यायालय में बयानों के बाद उसे पुन: रीड्स संस्था के सुपुर्द किया गया था। संस्था के परियोजना निदेशक जनक चंद ने बताया कि महिला को उसके चाचा और बहन अपने साथ घर वापस ले गए। गौरतलब है कि उक्त महिला को बेचने वाली मुख्य आरोपी सुनीता के जेल भेजे जाने के बाद उसके दो नाबालिग बच्चों को भी रीड्स संस्था के उज्ज्वला पुुनर्वास केंद्र में रखा गया है। एसपी डीएस कुंवर ने पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को महिलाओं की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह के अन्य सदस्यों को दबोचने के निर्देश दिए हैं।