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मनोहर और श्मशानी बाबा के थे शव, हत्या का अंदेशा

Sun, 06 Aug 2017 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, टनकपुर (चंपावत)।
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अस्प्ताल परिसर में रोते-बिलखते मनोहर कश्यप की बूढ़ी मां, पत्नी व मासूम बच्चे। - फोटो : amar ujala
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पूर्वी विचई सैलानीगोठ में पूर्व सैनिक भोला दत्त जोशी के ट्यूबवेल में मिले बाबा और युवक के शव की पहचान तो हो गई है, लेकिन उनकी मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। मृतकों में एक की शिनाख्त 30 जुलाई से लापता शहर की मछली गली निवासी मनोहर तो दूसरे की शारदा चुंगी कालोनी निवासी श्मशानी बाबा राजेंद्र नाथ के रूप में हुई है। पुलिस मामले को हत्या से जोड़कर देख रही है। रविवार को रुद्रपुर से डाग स्क्वयाड टीम बुलाकर घटना स्थल एवं पूर्व सैनिक के घर का मुआयना कराया गया। डाग स्क्वायड टीम के हाथ कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं लगा। पूछताछ के लिए पूर्व सैनिक समेत दो लोग हिरासत में लेने के साथ ही पूर्व सैनिक के घर से कुछ संदिग्ध सामान भी जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।

शनिवार को पूर्वी विचई सैलानीगोठ में पूर्व सैनिक भोला दत्त जोशी के ट्यूबवेल से दो लोगों के शव बरामद होने के बाद से क्षेत्र में सनसनी फैली है। सुबह से कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब आठ बजे ट्यूबवेल से शवों को बाहर निकाला जा सका। रात के वक्त शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। रविवार सुबह मछली गली निवासी मनोहर कश्यप की पत्नी ने दीपा कश्यप ने और श्मशानी बाबा राजेंद्र नाथ के परिजनों ने शवों की पहचान की। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शवों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। चिकित्साधिकारी डा. घनश्याम तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम में दोनों की मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। अलबत्ता परीक्षण के लिए उनका विसरा सुरक्षित रखा गया है।
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इधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भले ही मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई हो, लेकिन पुलिस मामले को हत्या से जोड़कर पड़ताल करने में जुटी है। सीओ आरएस रौतेला, कोतवाल अरुण कुमार वर्मा और एसओजी इंचार्ज विनोद कुमार यादव दिनभर मामले की जांच पड़ताल में जुटे रहे। सीओ रौतेला ने बताया कि गृह स्वामी पूर्व सैनिक भोला दत्त जोशी एवं एक अन्य व्यक्ति से पूछताछ चल रही है। सीओ का कहना है कि एक साथ दो लोगों के शव ट्यूबवेल में मिलना सामान्य घटना नहीं है। बहरहाल पुलिस मामले को हत्या से जोड़कर जांच पड़ताल में जुटी है।
      
पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों के पैनल को लेकर घंटों तक बना रहा असमंजस
शवों के पोस्टमार्टम को लेकर करीब पांच घंटे तक असमंजस की स्थिति बनी रही। मामला पेचीदा होने से चिकित्साधिकारी डा. घनश्याम तिवारी काफी देर तक डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम करने की बात कहते रहे। इसके लिए उन्होंने सीएमओ से भी वार्ता की, लेकिन सीएमओ द्वारा डॉक्टरों की कमी के कारण पैनल गठित करने मना करने पर डा. तिवारी को अकेले ही पोस्टमार्टम करने के निर्देश दिए गए।
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पोस्टमार्टम के लिए रुपये की मांग पर हंगामा होने से बचा
पोस्टमार्टम करने वाले एक कर्मचारी द्वारा नशे में वहां मौजूद लोगों से रुपये की मांग करने से हंगामा होते-होते बचा। गनीमत रही कि वहां मौजूद विधायक प्रतिनिधि सुनील वाल्मीकि ने मौके पर पहुंच जैसे-तैसे स्थिति संभाल ली, वर्ना अस्पताल परिसर में बड़ा हंगामा हो सकता था।
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