पिथौरागढ़ की नैनीसैनी हवाईपट्टी में अधिकारियों से आपदा की जानकारी लेते मुख्यमंत्री।
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धारचूला तहसील के मांगती (घट्टाबगड़) और मालपा में बादल फटने की घटना के बाद स्थिति का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत खराब मौसम के कारण स्थल पर नहीं जा पाए। उन्होंने नैनीसैनी हवाई पट्टी पर जिलाधिकारी को राहत और बचाव कार्य के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आपदा में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की। वह आपदा के संबंध में शीघ्र ही प्रधानमंत्री से वार्ता करेंगे।
वित्त, पेयजल, आबकारी मंत्री प्रकाश पंत के साथ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सोमवार को हेलीकॉप्टर से दोपहर 1.15 बजे नैनीसैनी हवाई पट्टी पहुंचे। जिलाधिकारी सी रविशंकर से घटना की जानकारी लेने के तत्काल बाद मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और डीडीहाट के विधायक विशन सिंह चुफाल के साथ हेलीकॉप्टर से प्रभावित स्थल को रवाना हो गए। उच्च हिमालयी क्षेत्र में खराब मौसम के कारण सीएम घटनास्थल का दौरा नहीं कर पाए, कुछ ही समय बाद उनका हेलीकॉप्टर पिथौरागढ़ लौट आया।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को राहत और बचाव कार्यों को युद्घस्तर पर चलाने के निर्देश दिए। लापता व्यक्तियों की खोज में तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा कि राहत और बचाव कार्य के लिए आर्थिक संसाधन, मैनपावर और फोर्स की जो भी जरूरत होगी, उपलब्ध कराई जाएगी। कहा कि केंद्र सरकार आपदा राहत के लिए हरसंभव मदद उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा को देखते हुए धारचूला में एक हेलीकाप्टर तैनात रखा जाएगा, ताकि राहत और बचाव के काम में तेजी आ सके। मुख्यमंत्री ने भूस्खलन के कारण बंद सड़कों को तत्काल खुलवाने के निर्देश दिए। कहा कि आपदा काल में सजगता बरतें। हवाई पट्टी पर गंगोलीहाट की विधायक मीना गंगोला के साथ कई अधिकारी और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।
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